उत्तराखंड के रुद्रपुर में हुए चर्चित गैंगरेप प्रकरण में पुलिस ने एक सटीक और पेशेवर कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे तीनों मुख्य आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि पुलिस ने ठोस सुरागों और पुख्ता सबूतों के आधार पर अपराधियों तक पहुंच बनाई।

​घटना के बाद से ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देश पर पुलिस महकमा आरोपियों की तलाश में जुटा हुआ था। पुलिस ने इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का गहराई से विश्लेषण किया था, जिससे इन तीनों संदिग्धों की पहचान पुख्ता हो चुकी थी। पुलिस लगातार इनके छिपने के ठिकानों पर दबिश दे रही थी ताकि इन्हें जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जा सके।

एनकाउंटर के बाद आरोपी से पूछताछ करते एसएसपी अजय गणपति

​इसी बीच, सोमवार देर रात कोतवाली रुद्रपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बगवाड़ा पुलिस चौकी के पास पुलिस बल सघन वाहन चेकिंग अभियान चला रहा था। इसी दौरान अंधेरे में एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन संदिग्ध युवक तेजी से आते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन पुलिस को देखते ही वे घबरा गए और अपनी बाइक को अचानक मोड़कर तेजी से भागने लगे। संदिग्ध हरकत को भांपते हुए सतर्क पुलिस टीम ने तुरंत उनका पीछा किया और आगे जाकर उनकी चारों तरफ से मजबूत घेराबंदी कर ली।


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​खुद को पुलिस के जाल में पूरी तरह घिरता देख बदमाशों ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए सीधे पुलिस दल पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली जा लगी और वह नीचे गिर गया, जबकि अन्य दो आरोपियों को पुलिस ने मौके पर ही दबोच लिया। घायल बदमाश को तत्काल पुलिस अभिरक्षा में जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

​पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि यही वे तीनों मुख्य आरोपी थे जिनकी तलाश गैंगरेप के इस गंभीर मामले में की जा रही थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने जिला अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को मजबूत चार्जशीट तैयार करने के निर्देश दिए।

​"सघन चेकिंग अभियान के दौरान अज्ञात वाहन सामने से आता हुआ दिखाई दिया, उसे रोकने का प्रयास किया तो वो भागने लगे। संदिग्ध देखते हुए उसका पीछा किया गया तो पुलिस टीम पर फायरिंग की गई, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लगी और दो को गिरफ्तार कर लिया गया। गैंगरेप में तीनों लोग मुख्य आरोपी थे और सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के माध्यम से उनकी तलाश की जा रही थी।"

— अजय गणपति, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक

​पुलिस का कहना है कि गैंगरेप मामले में तीनों वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही मुख्य कार्रवाई पूरी कर ली गई है. अब पुलिस घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों को एकत्र कर विवेचना को अंतिम रूप देने में जुटी है. मामले में बरामद अवैध हथियारों और पुलिस पर फायरिंग की घटना को लेकर भी अलग से विधिक कार्रवाई की जा रही है.

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