उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित बनभूलपुरा में रेलवे की भूमि से अतिक्रमण हटाने से जुड़े बहुचर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट में होने वाली महत्वपूर्ण सुनवाई एक बार फिर टल गई है। शीर्ष अदालत ने इस विषय पर विचार करने के बाद अगली सुनवाई के लिए 18 नवंबर की तिथि नियत की है। न्यायालय के इस कदम से फिलहाल स्थानीय निवासियों को बेदखली से राहत मिली हुई है। सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान की पीठ इस पूरे मामले पर सुनवाई कर रही है।
प्रकरण की पृष्ठभूमि देखें तो रेलवे प्रशासन का दावा है कि हल्द्वानी स्टेशन के समीप बनभूलपुरा और गफूर बस्ती क्षेत्र में लगभग 78 एकड़ भूमि पर अवैध निर्माण बना हुआ है। इस वजह से रेलवे लाइन के दोहरीकरण और स्टेशन के आधुनिक विस्तार का कार्य बाधित हो रहा है। वहीं दूसरी ओर इस क्षेत्र में रहने वाले हजारों परिवारों का कहना है कि वे कई दशकों से यहां निवास कर रहे हैं और उनके पास सरकारी नागरिक सुविधाओं तथा नगर निगम के दस्तावेज उपलब्ध हैं।
कानूनी प्रक्रिया के बीच इस राजनीतिक विवाद पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। राजधानी देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों की नीति हमेशा से तुष्टिकरण और वोट बैंक साधने की रही है, जिसके चलते सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों को लगातार संरक्षण और बढ़ावा दिया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार न्यायपालिका के दिशा-निर्देशों का पूर्ण सम्मान करती है और प्रदेश में सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, जबकि बेघर होने वाले पात्र नागरिकों के मानवीय पुनर्वास के लिए भी केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के तहत कार्य योजना पर विचार किया जा रहा है।
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