उत्तराखंड के रुद्रपुर शहर में कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाली यह घटना मंगलवार को काशीपुर बाईपास के पास घटी। जब पुलिस गैंगरेप के आरोपियों को घटनास्थल का निरीक्षण यानी क्राइम सीन रिक्रिएट कराने के लिए बाहर लाई, तो एक नया हंगामा खड़ा हो गया। रिक्रिएशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब पुलिसकर्मी दोनों आरोपियों को दूसरी गाड़ी में शिफ्ट कर रहे थे, तब भारी भीड़ और यातायात की हलचल का फायदा उठाकर दोनों आरोपियों ने पुलिस की गिरफ्त से भागने की जोरदार कोशिश की। हालांकि मौके पर मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने तुरंत दौड़ लगाई और कुछ ही दूरी पर दोनों आरोपियों को दोबारा दबोच लिया।

भाग रहे आरोपियों को कब्जे में लेती पुलिस

गुस्साई भीड़ ने आरोपियों के चेहरे पर काली स्याही भी फेंक दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद बमुश्किल आरोपियों को सुरक्षित निकालकर ले जाया गया। जैसे ही आरोपियों के भागने और फिर से पकड़े जाने की भनक वहां मौजूद स्थानीय लोगों को लगी, जनता का गुस्सा फूट पड़ा और काशीपुर बाईपास के पास जमा भीड़ ने बीच बाजार आरोपियों की जमकर पिटाई कर दी।  

भीड़ से आरोपी को बचाती पुलिस


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इस पूरे मामले में स्थानीय स्तर पर काफी आक्रोश है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत बीते शनिवार रात हुई थी, जब मूल रूप से गढ़वाल क्षेत्र की रहने वाली 19 वर्षीय युवती अपनी सहेली और दो दोस्तों के साथ रुद्रपुर के भूरारानी रोड पर गई हुई थी।

आरोपियों की पिटाई करती भीड़

आरोप है कि तभी एक बाइक पर सवार तीन युवकों ने उनके साथ हाथापाई कर युवती का अपहरण कर लिया और उसे घने जंगल में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद आरोपी उसे छतरपुर-भूरारानी निर्माणाधीन रेलवे अंडरपास के पीछे झाड़ियों में बदहवास हालत में फेंककर फरार हो गए थे। पुलिस ने पीड़िता की सहेली की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी और बदहवास हालत में मिली पीड़िता का अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया था।

देखें घटना को लेकर क्या बोले एसएसपी ऊधम सिंह नगर 

इस खौफनाक वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर सोमवार देर रात किच्छा हाईवे के पास एक मुठभेड़ को अंजाम दिया था। उस पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली भी लगी थी, जिसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

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