उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली के बाद शुरू हुआ विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। हल्द्वानी सिटी कोतवाली पुलिस ने 30 अगस्त की रात लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वाल्मीकि समाज से ताल्लुक रखने वाले और श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़े अमित कुमार की शिकायत पर यह कदम उठाया गया है। पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच की जिम्मेदारी डीएसपी अमित कुमार को सौंपी है।
घटनाक्रम की शुरुआत
यह पूरा मामला आठ अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की जनसभा से जुड़ा हुआ है। इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए थे। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद 11 अगस्त को स्थानीय निवासियों और शिकायतकर्ता अमित कुमार ने रामलीला मैदान में सफाई अभियान चलाया और एक धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि रैली के बाद मैदान में काफी गंदगी और शराब की बोतलें पड़ी हुई थीं, जिसके चलते वहां सफाई और हवन कराया गया था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में टिप्पणी
विवाद की मुख्य वजह 29 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस बनी। इस दौरान राहुल गांधी ने हल्द्वानी में हुए इस शुद्धीकरण कार्यक्रम का जिक्र करते हुए इसे छुआछूत और दलित समुदाय के खिलाफ भेदभाव का प्रतीक करार दिया। शिकायतकर्ता अमित कुमार का आरोप है कि इस टिप्पणी से अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। उनका दावा है कि उस सफाई और हवन अनुष्ठान में वाल्मीकि समाज और अनुसूचित जाति के लोग खुद शामिल थे, इसलिए इसे जातिगत रंग देना गलत है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
मामला दर्ज होने के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी पर एफआईआर दर्ज किए जाने का कड़ा विरोध किया है। कांग्रेस का कहना है कि शुद्धीकरण का आयोजन करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज करना बीजेपी की दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। वहीं, दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि राहुल गांधी ने एक सामान्य धार्मिक और सामाजिक अनुष्ठान को जानबूझकर जातिगत रूप देकर लोगों को भड़काने की कोशिश की है।
पूरे राज्य में उग्र हुआ कांग्रेस का प्रदर्शन
हल्द्वानी से शुरू हुआ यह विवाद अब पूरे उत्तराखंड में फैल चुका है और कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समर्थकों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे और रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ तहरीर देकर तुरंत कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की पुरानी शिकायत को नजरअंदाज कर राहुल गांधी के बयान पर आनन-फानन में एफआईआर दर्ज करना बीजेपी की 'दलित विरोधी मानसिकता' को उजागर करता है। इस बीच, देहरादून से लेकर नैनीताल, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी और हरिद्वार समेत कई जिलों के थानों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिकायतें दर्ज कराई हैं। वहीं देहरादून में कांग्रेस के एससी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय के बाहर उपवास पर बैठ गए हैं और पार्टी ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर सौंप दी है।
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