उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और कौशांबी जिले के सीमावर्ती इलाके में सोमवार दोपहर एक पटाखा कारखाने में भीषण विस्फोट हो गया। मोहम्मदपुर गांव में संचालित इस फैक्ट्री में हुए हादसे में अब तक 11 मजदूरों की जान जा चुकी है। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे जब धमाका हुआ, उस वक्त परिसर के भीतर कई लोग काम कर रहे थे। मलबे के नीचे से लगातार शवों और घायलों को निकालने का काम चल रहा है, जिससे हताहतों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

​विस्फोट की गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और देखते ही देखते पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। कारखाने में भारी मात्रा में बारूद मौजूद होने के कारण धमाके का असर आसपास के इलाकों पर भी पड़ा। पास बने तीन से चार मकानों की दीवारें ढह गईं और कई घरों की खिड़कियों के कांच टूट गए। धमाके के बाद मलबे में दबे लोगों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और पुलिस के पहुंचने से पहले राहत कार्य शुरू कर दिया।

​हादसे में 22 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए स्वरूप रानी नेहरू मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। चिकित्सकों के अनुसार कई मरीज अस्सी फीसदी से ज्यादा झुलस चुके हैं, जिससे उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष टीम घायलों के उपचार में जुटी है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक की लहर व्याप्त है।

​प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, रिहायशी इलाके में संचालित यह पटाखा फैक्ट्री सुरक्षा मानकों के उल्लंघन या बिना वैध लाइसेंस के चलाई जा रही थी। कारखाने के भीतर अग्निशमन या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे, जिसके कारण मामूली चूक ने इतने बड़े हादसे का रूप ले लिया। फिलहाल वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम मौके से साक्ष्य एकत्र कर रही है। शासन स्तर पर फैक्ट्री मालिक और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।


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