उत्तराखंड के रुद्रपुर में बारावफात जुलूस के दौरान कथित रूप से तीखे और भड़काऊ बयान देने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले के मुख्य आरोपी मौलाना मुजीब अहमद अजहरी को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।  न्यायिक प्रक्रिया के तहत शनिवार को अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए उसे जेल भेजने के आदेश जारी कर दिया। इस कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।

 

क्या था पूरा मामला?

​बुधवार को बारावफात पर रुद्रपुर के त्रिशूल चौक पर आयोजित जनसभा में मौलाना द्वारा दिए गए बयान का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था, जिसके बाद स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों में भारी रोष देखने को मिला था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शासन-प्रशासन हरकत में आया और पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को शुक्रवार को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। गहन पूछताछ और आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने आज मौलाना को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें सीधे जेल भेज दिया गया।


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प्रशासन का कड़ा रुख

​इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन का रुख बेहद कड़ा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के बाद पुलिस ने बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिकारियों का साफ कहना है कि देवभूमि की शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। सार्वजनिक मंचों से कानून को चुनौती देने वाली भाषा या माहौल बिगाड़ने वाली बयानबाजी पर इसी तरह कठोर विधिक कदम उठाए जाएंगे।

सुरक्षा और निगरानी तेज

​मौलाना को जेल भेजे जाने के बाद रुद्रपुर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। प्रमुख बाजारों, चौराहों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस बल की गश्त बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही साइबर सेल की टीम सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि कोई भी असामाजिक तत्व भड़काऊ पोस्ट या अफवाहें फैलाकर माहौल खराब न कर सके।

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