नैनीताल जिले में कानून व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने और पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान जून माह के दौरान हुए अपराधों, लंबित विवेचनाओं और जिले की समग्र कानून-व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी थानों में ई-साक्ष्य ऐप, ज़ीरो एफआईआर, ई-एफआईआर, ऑनलाइन जीडी, ई-बीट, ई-समन, ई-मालखाना तथा ई-डार जैसी डिजिटल प्रणालियों का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए। जांच प्रक्रिया की गुणवत्ता और निष्पक्षता बढ़ाने के लिए विवेचना में डिजिटल साक्ष्यों का अधिक से अधिक समावेश करने पर विशेष बल दिया गया।

​पुलिस अधीक्षक ने प्रगति पोर्टल, सहयोग पोर्टल और मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु थाना प्रभारियों को दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय की चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस व्यवस्था का पूरी तरह डिजिटल और अपडेटेड होना अत्यंत आवश्यक है। इसके अतिरिक्त सीसीटीएनएस पर डेटा की शत-प्रतिशत प्रविष्टि और ई-साइनिंग का कार्य समय से पूर्ण करने के आदेश दिए गए। लंबित मुकदमों के गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध निस्तारण को प्राथमिकता में रखते हुए अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

​साइबर सुरक्षा, वित्तीय गबन पर अनिवार्य एफआईआर के आदेश

​बढ़ते साइबर अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एसएसपी ने साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को तुरंत राहत दिलाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि साइबर गबन से पीड़ित व्यक्तियों की शिकायत पर बिना किसी विलंब के अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाए। यदि साइबर मामलों की सुनवाई या कार्रवाई में किसी भी स्तर पर पुलिसकर्मियों द्वारा लापरवाही पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध कड़ी जवाबदेही तय की जाएगी। जनता की गाढ़ी कमाई वापस कराने के लिए मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया।


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​जनपद में चिन्हित साइबर हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए गए। डिजिटल सुरक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाने के उद्देश्य से जिले के सभी पुलिसकर्मियों को साई-ट्रेन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकृत होकर नवीनतम साइबर सुरक्षा तकनीकों से अपडेट रहने के लिए कहा गया। इससे न केवल पुलिस बल की तकनीकी क्षमता बढ़ेगी बल्कि आम नागरिकों को साइबर अपराधियों से सुरक्षा प्रदान करने में भी बड़ी सफलता मिलेगी।

​उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिसकर्मियों का सम्मान 

​अपराध समीक्षा बैठक के दौरान उत्कृष्ट, निष्ठावान एवं सराहनीय कार्य करने वाले उनतीस पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को प्रशस्ति पत्र तथा मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले कर्मियों में उप निरीक्षक बालकृष्ण आर्या, उप निरीक्षक अर्जुन गोस्वामी, आरक्षी कुबेर सिंह, सहायक उप निरीक्षक हिमांशु रावत, सहायक उप निरीक्षक सुनील कुमार, आरक्षी मनोज जोशी, आरक्षी रविन्द्र बोरा, आरक्षी अनिल गिरी, आरक्षी महेश गोस्वामी, महिला आरक्षी कविता पुनेठा, आरक्षी रोहित सिंह, मुख्य आरक्षी सुनील राणा, आरक्षी दीपक कुमार, सहायक उप निरीक्षक यशपाल सिंह नेगी, मुख्य आरक्षी रमेश काण्डपाल, आरक्षी अर्जुन सिंह भोज, आरक्षी महेन्द्र सिंह रावत, अपर उप निरीक्षक राकेश रावत, आरक्षी रमेश नगरकोटी, आरक्षी प्रशिक्षु महेन्द्र रावत, मुख्य आरक्षी राजेश चन्दोला, आरक्षी सन्तोष सिंह बिष्ट, अपर उप निरीक्षक जानकी बोरा, आरक्षी विक्रम कुमार, आरक्षी संजय सिंह, आरक्षी सुरेन्द्र सिंह, अनुचर गोविन्दी देवी, लाइनमैन जगदीश राम तथा होमगार्ड विमल गोस्वामी शामिल रहे। इनमें कोतवाली काठगोदाम में तैनात आरक्षी सुरेन्द्र सिंह को ई-बीट प्रणाली और न्यायालयी सम्मनों के बेहतरीन निस्तारण के लिए विशेष रूप से सराहा गया।

​एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने अपने संदेश में कहा कि तकनीकी रूप से दक्ष, पारदर्शी और जन-संवेदनशील पुलिसिंग ही आधुनिक समय की आवश्यकता है। स्मार्ट पुलिसिंग के माध्यम से जनता का विश्वास और अपराधियों में कानून का भय दोनों सुनिश्चित किए जाएंगे।

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