नोएडा का पॉश इलाका सेक्टर-150 उस वक्त दहल उठा जब एटीएस पायस हाइडवे सोसाइटी के एक फ्लैट से चीख-पुकार की आवाजें आईं। यह चीखें किसी बाहरी दुश्मन की नहीं बल्कि दो साल से साथ रह रहे एक प्रेमी जोड़े के बीच हुए खूनी संघर्ष की थीं। मणिपुर की रहने वाली लुनजेएना पमाई और दक्षिण कोरियाई मूल के डक ही युह के बीच का रिश्ता शनिवार रात हमेशा के लिए खत्म हो गया। पुलिस की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। एक मामूली गीला तौलिया इस हत्या की वजह बना। नहाकर निकली युवती ने गलती से अपने प्रेमी का तौलिया इस्तेमाल कर लिया था, जिस पर शुरू हुआ विवाद गाली-गलौज और फिर सीधे मौत के घाट उतारने तक जा पहुंचा।

नस्लीय टिप्पणी और नशे का घातक कॉम्बिनेशन

पुलिस पूछताछ में आरोपी युवती ने जो बयान दिए हैं, वे समाज की गहरी कड़वाहट को दर्शाते हैं। युवती के मुताबिक, जब उसका प्रेमी नहाने गया और उसने गीला तौलिया देखा, तो वह अपना आपा खो बैठा। शराब के नशे में धुत डक ही युह ने न केवल युवती को भला-बुरा कहा, बल्कि भारतीयों के प्रति भी बेहद अभद्र और नस्लीय भाषा का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। जब युवती ने अपमान सहन न करते हुए घर छोड़कर जाने की कोशिश की, तो प्रेमी ने किचन से सब्जी काटने वाला चाकू निकाल लिया। विवाद इतना बढ़ा कि प्रेमी ने अपनी ही पार्टनर पर हमला करने का प्रयास किया, जिसके जवाब में युवती ने चाकू छीनकर उसके सीने में उतार दिया।

पश्चाताप की कोशिश और कानून का शिकंजा

वारदात को अंजाम देने के बाद युवती भागने के बजाय अपने लहूलुहान प्रेमी को बचाने की कोशिश में जुट गई। उसने तुरंत ड्राइवर की मदद से सरकारी एंबुलेंस बुलाई और उसे जिम्स (GIMS) अस्पताल लेकर पहुंची। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवती को हिरासत में लिया और हत्या का मुकदमा दर्ज किया। सोमवार को पुलिस ने ठोस सबूतों के साथ आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। यह घटना दर्शाती है कि कैसे अनियंत्रित क्रोध और नशे का मेल पल भर में खुशहाल जिंदगी को राख कर देता है।

अपनों ने फेरा मुंह और दूतावास की दखल

इस हत्याकांड का एक दर्दनाक पहलू यह भी रहा कि मृतक के परिजनों ने इस कदर दूरी बना ली कि वे उसका शव लेने तक भारत नहीं आए। एसीपी हेमंत उपाध्याय ने बताया कि दक्षिण कोरियाई दूतावास के जरिए मृतक के परिवार से संपर्क साधा गया था, लेकिन उन्होंने भारत आने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम कराया और शव को दूतावास की टीम के सुपुर्द कर दिया। दो साल का साथ और सात समंदर पार की यह प्रेम कहानी अब फाइलों में सिमट कर रह गई है, जिसमें एक शख्स की जान जा चुकी है और दूसरी सलाखों के पीछे अपनी किस्मत को कोस रही है।


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