सूरत का लिंबायत इलाका इन दिनों एक ऐसी सनसनीखेज वारदात की वजह से चर्चा में है जिसने मानवीय रिश्तों और सामाजिक ताने-बने पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला केवल एक हत्या का नहीं है बल्कि लंबे समय से चली आ रही शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के उस चरम का परिणाम है जहां एक महिला ने खुद को बचाने के लिए कानून हाथ में ले लिया। हैदरअली बकरअली नामक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने शुरुआत में पुलिस को उलझा दिया था लेकिन पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट ने कत्ल की एक ऐसी साजिश से पर्दा उठाया जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया।
हल्दी वाले दूध में छुपा था मौत का सामान
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी पत्नी इशरत जहां अपने पति के व्यवहार से इस कदर टूट चुकी थी कि उसने उसे रास्ते से हटाने का मन बना लिया था। हैदरअली जो कि मुंबई में काम करता था और महीने में एक बार घर आता था वह कथित तौर पर सेक्सवर्धक दवाओं के प्रभाव में अपनी पत्नी का शारीरिक शोषण करता था। इशरत ने पुलिस को बताया कि वह इस अमानवीय व्यवहार को और अधिक सहने की स्थिति में नहीं थी। इसी हताशा में उसने नववर्ष की शुरुआत में ही अपने पति को ठिकाने लगाने की योजना बनाई और हल्दी वाले दूध में चूहे मारने की दवा मिलानी शुरू कर दी।
फॉरेंसिक जांच ने खोला आरोपी पत्नी का राज
हैरानी की बात यह है कि लगातार कई दिनों तक जहर देने के बावजूद जब हैदरअली की जान नहीं निकली तो इशरत ने हिंसक रास्ता अपनाया। उसने सोते हुए पति का गला और सीना दबाकर उसकी जान ले ली। अस्पताल में मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सामान्य प्रक्रिया अपनाई थी लेकिन परिवार के सदस्यों को महिला की हरकतों पर शक हुआ। जब फॉरेंसिक पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट सामने आई तो स्पष्ट हुआ कि मौत प्राकृतिक नहीं बल्कि गला घोंटने की वजह से हुई थी। कड़ाई से पूछताछ करने पर इशरत ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया और अब वह पुलिस की गिरफ्त में है।
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