उत्तर प्रदेश के रामपुर जिला अंतर्गत बिलासपुर थाना क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (प्रधान) के जिलाध्यक्ष सरदार निरवैर सिंह खालसा के आवास पर दबंगों द्वारा हंगामे करने और परिजनों को धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। किसान नेता के अनुसार जब वह अपने आवास पर मौजूद नहीं थे, तब कथित तौर पर 8-10 लोग उनके घर में आ घुसे और परिजनों के साथ अभद्रता करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान लोगों के पास असलहा भी था और वे असलहा लहराते हुए धमका रहे थे। पीड़ित पक्ष ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है।

​शिकायत में घटना स्थल पर मौजूद लग्जरी वाहनों के नंबरों और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों का भी उल्लेख किया गया है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। किसान नेता के समर्थकों का कहना है कि स्पष्ट विवरण और साक्ष्य उपलब्ध कराए जाने के बावजूद पुलिस द्वारा मामले में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई जा रही है। मामला परिवारिक जमीनी विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।

​मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन (प्रधान) के पदाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश प्रधान का तर्क है कि तहरीर दिए जाने के बाद भी यदि नामजद लोगों के खिलाफ वैधानिक प्रक्रिया में देरी होती है, तो इससे आम नागरिकों के बीच सुरक्षा की भावना प्रभावित होती है। यूनियन ने आरोप लगाया है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में ढुलमुल रवैया अपना रहा है, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हो सकते हैं। संगठन के अनुसार, परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

​घटना से असंतुष्ट किसान संगठन ने प्रशासन से जल्द से जल्द निष्पक्ष कार्रवाई करने के लिए 24 घण्टे का अल्टीमेटम दिया है। संगठन की जिला कार्यकारिणी का कहना है कि यदि दिए गए समय के भीतर पुलिस नामजद लोगों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्यवाही नहीं करती, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने को मजबूर होंगे। संगठन ने बिलासपुर कोतवाली और जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है।


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"इस संबंध में जब स्थानीय पुलिस प्रशासन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो पुलिस का कहना है कि  मामले की जांच की जा रही है और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।"

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