उत्तराखंड की 'मित्र पुलिस' को खुली चुनौती देते हुए शातिर चोरों ने शहर के एक प्रतिष्ठित ज्वैलर्स शोरूम में करोड़ों की चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। इस दुस्साहसिक घटना ने न केवल पुलिस के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है, बल्कि पूरे क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर भी गहरा सवालिया निशान लगा दिया है। अपराधियों ने जिस तरह फिल्मी अंदाज में बगल की दुकान किराए पर लेकर दीवार काटी और तिजोरी साफ की, उसने पुलिस के सूचना तंत्र और गश्त पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अब शहर की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मित्र पुलिस अपराधियों की इस सीधी चुनौती को किस रूप में स्वीकार करती है और कितनी जल्दी इन शातिर चोरों को सलाखों के पीछे पहुंचाती है।

साजिश का फिल्मी अंदाज

​घटना हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा/मुखानी क्षेत्र की है, जहाँ स्थित 'राधिका ज्वैलर्स' को चोरों ने अपना निशाना बनाया। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे किसी थ्रिलर फिल्म की पटकथा से कम नहीं हैं। चोरों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए महीनों पहले जाल बिछाया था। शातिर गिरोह ने ज्वैलरी शोरूम के ठीक बगल वाली दुकान को कपड़े का कारोबार करने के बहाने किराए पर लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से उस दुकान में 'फर्नीचर के काम' के नाम पर ड्रिलिंग और हथौड़े चलने की आवाजें आ रही थीं। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कारपेंटर के वेश में छिपे अपराधी शोरूम की दीवार फांदने की तैयारी कर रहे हैं। शनिवार की रात मौका पाकर चोरों ने दीवार को पूरी तरह काट दिया और दुकान के भीतर दाखिल हो गए।

करोड़ों का माल पार, साक्ष्य मिटाने की कोशिश

​भीतर घुसने के बाद चोरों ने कटर की मदद से मजबूत लोहे की तिजोरी को बड़ी सफाई से काट डाला। दुकान स्वामी के अनुसार, तिजोरी में रखा करीब 25 किलो चांदी और 400 ग्राम से अधिक सोना गायब है। बाजार मूल्य के हिसाब से इस चोरी की कीमत 1 करोड़ रुपये के आसपास आंकी जा रही है। शातिर अपराधी इतने पेशेवर थे कि वे अपने पीछे कोई तकनीकी सुराग नहीं छोड़ना चाहते थे। पकड़े जाने के डर से वे दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर (DVR) भी अपने साथ उखाड़ ले गए। इसके अलावा, उन्होंने पहचान छुपाने के लिए दुकान के अंदर लगे अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

पुलिस की लापरवाही और जांच के बिंदु

​इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ी लापरवाही किराएदारी को लेकर सामने आई है। दुकान मालिक ने बगल की दुकान किराए पर देते समय किराएदारों का न तो आधार कार्ड लिया और न ही पुलिस वेरिफिकेशन कराया। इसी का फायदा उठाकर अपराधी बिना किसी रिकॉर्ड के वहां रहे और वारदात के बाद आसानी से फरार हो गए। अभी तक की जांच में पुलिस को कुछ संदिग्ध नकाबपोशों के फुटेज आसपास के अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से मिले हैं, लेकिन मुख्य सुराग अभी भी हाथ से दूर है।


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व्यापारियों में भारी आक्रोश

​शहर के मुख्य मार्ग पर हुई इस बड़ी वारदात के बाद हल्द्वानी के व्यापारियों में भारी रोष व्याप्त है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि शहर के व्यस्ततम इलाकों में पुलिस की नाक के नीचे ऐसी घटनाएं होंगी, तो व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस करेंगे। उन्होंने पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी और माल की बरामदगी नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।

एसओजी और पांच टीमें तैनात

​मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल ने मुखानी थाना पुलिस के साथ-साथ एसओजी (SOG) और सर्विलांस की पांच विशेष टीमों को मैदान में उतार दिया है। पुलिस को संदेह है कि यह किसी अंतरराज्यीय पेशेवर गिरोह का काम है जो विशेष रूप से ज्वैलरी दुकानों को निशाना बनाने के लिए इस तरह की 'दीवार काटकर चोरी' (Senn-mari) करने की तकनीक अपनाता है। फिलहाल, हल्द्वानी से बाहर जाने वाले सभी रास्तों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है।

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