उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने वाणिज्य कर विभाग की सहायक आयुक्त मीनाक्षी त्यागी को बड़ी राहत प्रदान की है। न्यायालय ने उनकी सेवा समाप्ति और उनसे तिरानवे लाख रुपये की वसूली के सरकारी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति रवींद्र मैठानी और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ द्वारा पारित किया गया है। न्यायालय ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और जाँच अधिकारी अजय कुमार को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
मामले के अनुसार विकासनगर देहरादून में तैनात सहायक आयुक्त मीनाक्षी त्यागी को बीते तीन अक्टूबर दो हजार पच्चीस को सेवा से हटा दिया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने चार फर्मों का पंजीकरण रद्द नहीं किया और उनके रिफंड दावों को गलत तरीके से मंजूरी दी। इसी के साथ शासन ने उनसे तिरानवे लाख रुपये की वसूली का भी आदेश जारी किया था। इस आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट की शरण ली और शासन की कार्रवाई को नियम विरुद्ध बताया।
याचिका में तर्क दिया गया कि यह पूरी प्रक्रिया चयनात्मक कार्रवाई का हिस्सा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्होंने संबंधित कर अधिकारियों को उन फर्मों के निरीक्षण के स्पष्ट निर्देश दिए थे, लेकिन जिन अधिकारियों ने उन निर्देशों का पालन नहीं किया उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। सारा दोष केवल याचिकाकर्ता पर मढ़ दिया गया। इसके अलावा यह भी दलील दी गई कि जांच प्रक्रिया के दौरान प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पूरी तरह उल्लंघन किया गया है।
याचिकाकर्ता के अनुसार राज्य सरकार ने जाँच अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि मुख्य गवाहों से जिरह का अवसर दिया जाए, लेकिन जाँच अधिकारी ने इससे इनकार कर दिया। बिना गवाहों के परीक्षण और बिना बचाव का उचित अवसर दिए सेवा समाप्ति का यह आदेश पारित कर दिया गया। हाईकोर्ट ने इन सभी तर्कों को सुनने के बाद बर्खास्तगी और रिकवरी के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है और मामले की अगली सुनवाई के लिए तीस मार्च दो हजार छब्बीस की तिथि निर्धारित की है।
उत्तराखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सहायक आयुक्त मीनाक्षी त्यागी की बर्खास्तगी और रिकवरी आदेश पर रोक
संक्षेप: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने वाणिज्य कर विभाग की सहायक आयुक्त मीनाक्षी त्यागी को बड़ी राहत प्रदान की है। न्यायालय ने उनकी सेवा समाप्ति और उनसे तिरानवे लाख रुपये की वसूली के सरकारी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति रवींद्र मैठानी और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ द्वारा पारित किया गया है।
Dec 24, 2025
Harvinder Sidhu | उत्तराखण्ड तहलका, नैनीताल
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