रुद्रपुर की राजनीति में हालिया घटनाक्रम ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटाया। कांग्रेस पार्टी का दामन थामने के महज दो दिन के भीतर ही ठुकराल ने खुद को एक संगठित साइबर हमले के केंद्र में पाया है। उन्होंने कोतवाली पुलिस को सौंपी गई शिकायत में विस्तार से बताया है कि किस तरह एक विशेष समूह द्वारा उनके सार्वजनिक जीवन और सामाजिक सम्मान को चोट पहुँचाने के लिए इंटरनेट के विभिन्न माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है। उनके अनुसार यह कोई आकस्मिक प्रतिक्रिया नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश है जिसका उद्देश्य उनकी राजनीतिक यात्रा में बाधा उत्पन्न करना है।

​भ्रामक पोस्ट और एआई तकनीक के खतरे

​तहरीर में सबसे चिंताजनक पहलू आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक के दुरुपयोग को लेकर उठाया गया है। पूर्व विधायक ने आशंका व्यक्त की है कि आधुनिक तकनीकों का सहारा लेकर उनके व्यक्तित्व को गलत ढंग से पेश किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस को अवगत कराया कि अतीत में भी उन्हें इस प्रकार की तकनीकी साजिशों का सामना करना पड़ा है और अब राजनीतिक समीकरण बदलते ही ये तत्व पुनः सक्रिय हो गए हैं। ठुकराल का मानना है कि एआई के माध्यम से भ्रामक सामग्री तैयार कर उसे इस तरह प्रसारित किया जा रहा है जिससे आम जनता के बीच उनकी छवि को विवादास्पद बनाया जा सके।

​नामजद आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग

​पूर्व विधायक ने अपनी तहरीर में केवल अज्ञात लोगों पर ही नहीं बल्कि कुछ विशिष्ट व्यक्तियों पर भी सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने डम्पी चोपड़ा, नीतिश ग्रोवर, जगदीश विश्वास उर्फ सुदर्शन, अजीत सक्सैना और राज कोली सहित अन्य लोगों को इस भ्रामक अभियान का सूत्रधार बताया है। राजकुमार ठुकराल ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर की जा रही आधारहीन टिप्पणियाँ और अपमानजनक पोस्ट्स के सभी साक्ष्य और स्क्रीनशॉट्स पुलिस को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने इस कृत्य को समाज में वैमनस्य फैलाने वाला बताया और पुलिस से अपील की है कि दोषियों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का ऐसा दुरुपयोग रोका जा सके।


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