अबुजा, नाइजीरिया (उत्तराखण्ड तहलका): MASS KIDNAPPING की घटनाओं के कारण नाइजीरिया में सुरक्षा व्यवस्था गंभीर संकट में फँस गई है। एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बड़ी घटना है, जहाँ बंदूकधारियों ने नाइजर राज्य के पापिरी स्थित सेंट मैरी स्कूल को निशाना बनाया और 300 से अधिक छात्रों और शिक्षकों का MASS KIDNAPPING कर लिया। अधिकारियों ने इस घटना को "राष्ट्रीय शर्म" बताया है और आपात उपायों की घोषणा की है।

ईसाई संघ (Christian Association of Nigeria) के अनुसार, अपहृत लोगों की संख्या 315 है, जिसमें 303 छात्र और 12 शिक्षक शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार तड़के यह हमला किया गया। अपहृत छात्रों की उम्र 10 से 18 साल के बीच है।
बंधक संकट और सुरक्षा बलों की तैनाती
इस भयावह MASS KIDNAPPING के बाद, नाइजर राज्य के गवर्नर ने तत्काल प्रभाव से राज्य के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। इस संकट से निपटने के लिए सेना और विशेष सुरक्षा बल (Special Forces) तुरंत मौके पर भेजे गए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे लगातार अपहरण और हिंसा के चक्र में जी रहे हैं। ये गिरोह अक्सर फिरौती के लिए बच्चों को बंधक बना लेते हैं, जिससे परिवारों को भारी मानसिक और आर्थिक तनाव झेलना पड़ता है।
यह भी पढ़ें: ट्रंप-Mayor ममदानी की पहली व्हाइट हाउस मुलाकात, पुराने वार को ट्रंप ने कहा- “अब नहीं मानता Jihadi”
एक सप्ताह में दो अपहरण की घटनाएँ
यह MASS KIDNAPPING की पहली घटना नहीं है। सोमवार (17 नवंबर) को, पड़ोसी केब्बी राज्य में एक सरकारी माध्यमिक विद्यालय से 25 स्कूली छात्राओं को अगवा किया गया था। वहाँ बदमाशों के विरोध करने पर स्कूल के वाइस प्रिंसिपल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इन दो लगातार अपहरण की घटनाओं ने देश की आंतरिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और आपात बैठक
मानवाधिकार संगठनों और अंतर्राष्ट्रीय शक्तियों ने नाइजीरिया की सरकार से इस संकट से तुरंत निपटने का आग्रह किया है। संयुक्त राष्ट्र ने इस MASS KIDNAPPING की कड़ी निंदा की है और नाइजीरिया सरकार को तकनीकी सहायता देने की पेशकश की है। राष्ट्रपति ने एक आपात सुरक्षा बैठक बुलाई है और अपहृत बच्चों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सभी संसाधनों के उपयोग का संकल्प लिया है।
---समाप्त---