मेक्सिको की सेना ने एक ऐतिहासिक मिलिट्री ऑपरेशन को अंजाम देते हुए दुनिया के सबसे वांछित ड्रग तस्करों में शुमार 'एल मेंचो' के साम्राज्य का अंत कर दिया है। जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) के इस शक्तिशाली नेता की तलाश मेक्सिको और अमेरिका दोनों देशों की एजेंसियां लंबे समय से कर रही थीं। पश्चिमी राज्य जलिस्को के टापालपा में विशेष सैन्य बलों ने एक गुप्त सूचना के आधार पर इस घेराबंदी को अंजाम दिया। मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने न केवल कार्टेल के लड़ाकों को कड़ी चुनौती दी बल्कि इस संगठन की रीढ़ माने जाने वाले सरगना को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार एल मेंचो को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया था लेकिन अस्पताल ले जाने के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

कार्टेल के गढ़ में प्रतिशोध की अग्नि

​जैसे ही एल मेंचो की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई जलिस्को और उसके आसपास के राज्यों में अराजकता का माहौल पैदा हो गया। कार्टेल के सदस्यों ने सुरक्षाबलों की कार्रवाई के विरोध में सड़कों पर उतरकर जमकर उत्पात मचाया। ग्वाडलहारा और प्यूर्टो वालार्टा जैसे प्रमुख पर्यटन केंद्रों पर वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और सार्वजनिक संपत्तियों को निशाना बनाया गया। सबसे चौंकाने वाली घटना कैनकन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई जहां अचानक हुई गोलीबारी के कारण यात्रियों में भगदड़ मच गई। हिंसा की इन वारदातों ने मेक्सिको की कानून व्यवस्था को बड़ी चुनौती दी है और कई शहरों में विमान सेवाओं को सुरक्षा कारणों से निलंबित करना पड़ा है।

भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी

​मेक्सिको के बिगड़ते हालातों को देखते हुए मेक्सिको सिटी स्थित भारतीय दूतावास ने तुरंत सक्रियता दिखाई है। दूतावास ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक विस्तृत एडवाइजरी जारी करते हुए भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है। जलिस्को, तमाउलिपास, मिचोआकन और नुएवो लियोन जैसे हिंसा प्रभावित राज्यों में रह रहे भारतीयों को हिदायत दी गई है कि वे जब तक बहुत आवश्यक न हो अपने घरों या सुरक्षित स्थानों से बाहर न निकलें। दूतावास ने विशेष रूप से उन इलाकों से दूर रहने को कहा है जहां सैन्य अभियान या कानून प्रवर्तन एजेंसियों की गतिविधियां चल रही हैं ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

भविष्य की चुनौतियों पर राष्ट्रपति का रुख

​अमेरिका द्वारा डेढ़ करोड़ डॉलर के इनामी घोषित एल मेंचो की मौत को राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने एक बड़ी उपलब्धि करार दिया है। हालांकि उन्होंने राष्ट्र को संबोधित करते हुए यह भी स्वीकार किया कि इस तरह के बड़े ऑपरेशनों के बाद अक्सर कार्टेल के भीतर सत्ता संघर्ष शुरू हो जाता है। सरकार को आशंका है कि मुख्य सरगना के हटने के बाद यह गिरोह छोटे और अधिक हिंसक समूहों में बंट सकता है जो स्थानीय सुरक्षा के लिए और भी बड़ा खतरा पैदा कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव और विशेष रूप से अमेरिका की मांग के बीच हुई यह कार्रवाई मेक्सिको में नशीली दवाओं के व्यापार के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।


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