​खाकी को दागदार करने वाली एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहाँ दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल को न सिर्फ कार चोरी बल्कि हिट एंड रन के मामले में भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपी हेड कॉन्स्टेबल की पहचान दीपक कुमार के रूप में हुई है जो दिल्ली के शाहदरा जिले के साइबर थाने में तैनात था। यह मामला तब खुला जब गाजियाबाद के सूर्य नगर इलाके में एक बेगुनाह बुजुर्ग की सड़क हादसे में जान चली गई और जांच की परतें खुलते ही पुलिस के भी होश उड़ गए। रक्षक की वर्दी पहनकर अपराध करने वाले इस शख्स ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सैर पर निकले बुजुर्ग की दर्दनाक मौत

​यह पूरी घटना १४ दिसंबर की सुबह की है जब गाजियाबाद के सूर्य नगर में रहने वाले एक बुजुर्ग रोजाना की तरह सुबह टहलने के लिए घर से निकले थे। उसी दौरान एक बेहद तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बुजुर्ग सड़क पर काफी दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे को अंजाम देने के बाद चालक मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखकर मौके से फरार हो गया। वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और स्थानीय निवासियों ने आरोपी चालक की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा भी किया।

सीसीटीवी फुटेज से खुला वर्दी वाले का राज

​गाजियाबाद पुलिस ने इस हिट एंड रन मामले को गंभीरता से लेते हुए इलाके के तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को वह संदिग्ध कार दिखाई दी जिससे हादसा हुआ था। जब पुलिस ने कार के नंबर और उसके मालिक की तफ्तीश की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि जिस कार से बुजुर्ग को टक्कर मारी गई थी वह चोरी की थी। आगे की जांच में पुलिस के हाथ दीपक कुमार तक पहुंचे जो दिल्ली पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत है। पुलिस ने जब दीपक को हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ की तो सारा सच सामने आ गया। आरोपी के कब्जे से चोरी की वह कार भी बरामद कर ली गई है जो हादसे के वक्त वह चला रहा था।

सलाखों के पीछे पहुंचा आरोपी सिपाही

​गाजियाबाद के लिंक रोड थाने में आरोपी दीपक कुमार के खिलाफ हिट एंड रन और चोरी की संपत्ति रखने समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि एक पुलिसकर्मी जिसे जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी वह खुद अपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाया गया। फिलहाल दिल्ली पुलिस ने इस शर्मनाक घटना पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है लेकिन विभागीय स्तर पर भी आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या दीपक कुमार किसी बड़े वाहन चोर गिरोह का हिस्सा है या उसने यह चोरी निजी स्वार्थ के लिए की थी।


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