रामपुर, 31 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खान और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान आज शनिवार को रामपुर जिला कारागार से बाहर आ सकते हैं। दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद दोनों की रिहाई के लिए कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है। शुक्रवार को जमानतियों का सत्यापन पूरा नहीं होने के कारण दोनों की रिहाई टल गई थी। अब शनिवार को शेष औपचारिकताएं पूरी होने और सभी जरूरी रिहाई परवाने जेल पहुंचने पर पिता-पुत्र की रिहाई संभव है।
आज रिहाई की उम्मीद
आजम खान और अब्दुल्ला आजम के अधिवक्ता शनिवार को शेष कानूनी औपचारिकताएं पूरी कराने में जुटे हैं। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद अलग-अलग मुकदमों में जमानती दाखिल किए गए हैं। इनके सत्यापन के लिए संबंधित पुलिस और तहसील प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद अदालत रिहाई के परवाने जारी कर सकती है। सभी जरूरी परवाने जिला कारागार पहुंचने के बाद जेल प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा।
शुक्रवार को पांच परवाने जारी
शुक्रवार को आजम खान के पांच मुकदमों में जमानतियों का सत्यापन पूरा होने के बाद अदालत ने रिहाई परवाने जारी कर दिए थे। इनमें डूंगरपुर प्रकरण के तीन, यतीमखाना प्रकरण का एक और एससी-एसटी एक्ट से संबंधित एक मुकदमा शामिल है। हालांकि, अन्य मामलों में सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी परवाने जारी नहीं हो सके। इसी वजह से शुक्रवार को दोनों की जेल से रिहाई संभव नहीं हो पाई।
कई मुकदमों की प्रक्रिया बाकी
जानकारी के अनुसार, एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट अदालत में आजम खान के 52 और अब्दुल्ला आजम के 41 मामलों में रिहाई से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जानी है। दो पैन कार्ड मामले में हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में आजम खान की ओर से 3.50 लाख रुपये और अब्दुल्ला आजम की ओर से 2.75 लाख रुपये जमा कराए गए हैं। इस मामले में दोनों के रिहाई परवाने जारी होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, अन्य मुकदमों की औपचारिकताएं पूरी होना अभी जरूरी है।
हाईकोर्ट से मिली थी जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम की जमानत मंजूर की थी। दोनों 17 नवंबर 2025 से रामपुर जिला कारागार में बंद हैं। इस मामले में निचली अदालत ने दोनों को सात-सात वर्ष की सजा सुनाई थी। बाद में अपीलीय अदालत ने आजम खान की सजा बढ़ाकर दस वर्ष कर दी थी। हाईकोर्ट ने सजा निलंबित करते हुए जमानत दी है, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगाई है।
रिहाई के परवानों का इंतजार
शनिवार को अधिवक्ताओं की कोशिश सभी लंबित मामलों में जमानतियों का सत्यापन पूरा कराकर रिहाई परवाने जारी कराने की है। यदि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया समय से पूरी हो जाती है और कोई नई बाधा सामने नहीं आती, तो आजम खान और अब्दुल्ला आजम आज ही जेल से बाहर आ सकते हैं।
हालांकि, शनिवार सुबह तक दोनों की रिहाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में फिलहाल उनकी रिहाई की संभावना बनी हुई है और सभी की निगाहें अदालत से जारी होने वाले शेष परवानों पर टिकी हैं।
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