गैरसैंण, 27 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प उत्तराखण्ड को वर्ष 2047 तक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है। सरकार विकास कार्यों को गति देने के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रही है। इसी सोच के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 का ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इस बजट में प्रदेश की वर्तमान आवश्यकताओं के साथ भविष्य की प्राथमिकताओं का पूरा ध्यान रखा गया है।
बजट आवंटन का पूरा ढांचा
अनुपूरक बजट में ₹4,164.32 करोड़ पूंजीगत और ₹3,679.86 करोड़ राजस्व मद में रखे गए हैं। छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर स्थानीय निकायों की राज्य कर राजस्व में हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके लिए बजट में ₹721 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इस धनराशि से ग्रामीण और शहरी निकायों को स्थानीय विकास कार्यों के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन मिलेंगे।
कृषि पेयजल पर बड़ा फोकस
अन्नपूर्ति योजना के तहत किसानों से धान और गेहूं की खरीद के लिए ₹1,100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए विशेष सहायता योजना में ₹500 करोड़ और जल जीवन मिशन के लिए ₹300 करोड़ रखे गए हैं। गैरसैंण में जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए ₹122 करोड़ दिए गए हैं। आगामी दिव्य कुंभ की व्यवस्थाओं और बुनियादी ढांचे के लिए लगभग ₹290 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा नंदा राजजात यात्रा और हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर के निर्माण कार्यों को भी बजट में शामिल किया गया है।
स्वास्थ्य शिक्षा को प्राथमिकता
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए अटल आयुष्मान योजना में ₹100 करोड़ और राज्य कर्मचारियों की गोल्डन कार्ड योजना में ₹125 करोड़ की व्यवस्था की गई है। पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज सहित चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कार्यों के लिए करीब ₹160 करोड़ रखे गए हैं। स्कूली और उच्च शिक्षा में डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए ₹200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना, खेल विश्वविद्यालय, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए भी बजट दिया गया है।
आर्थिक आंकड़ों में बढ़त
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2022 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद लगभग 2.55 लाख करोड़ रुपये था, जिसके 2026-27 में बढ़कर करीब 3.82 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। प्रति व्यक्ति आय ₹1.95 लाख से बढ़कर ₹2.74 लाख तक पहुंच चुकी है। स्टार्टअप की संख्या 702 से बढ़कर 1,978 और एमएसएमई इकाइयां 60 हजार से बढ़कर एक लाख हो चुकी हैं। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखण्ड 79 अंकों के साथ देश में संयुक्त रूप से पहले स्थान पर रहा है।
सुरक्षित बुनियादी ढांचे का निर्माण
राज्य में आपदा प्रबंधन, भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास और आपदा रोधी निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जोशीमठ क्षेत्र सहित सड़क और हेली सेवाओं के विस्तार के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। युवाओं को आईटी क्षेत्र में मौके देने के लिए देहरादून में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया का केंद्र शुरू किया गया है। सरकार की प्राथमिकता विकास के साथ राज्य की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की भी है।
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