गैरसैंण (चमोली), 27 अक्टूबर। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में मंगलवार से दो दिवसीय विधानसभा सत्र शुरू हुआ। सुबह 11 बजे वंदे मातरम् के गायन के साथ सदन की कार्यवाही शुरू हुई। इससे पहले सदन में पहुंचे मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों का मुख्य द्वार पर पारंपरिक स्वस्ति वाचन के साथ स्वागत किया गया। सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। नेता प्रतिपक्ष समेत कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, रेखा आर्या, विधायक अरविंद पांडेय, बंशीधर भगत और उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने भी दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।

विधानसभा सीढ़ियों पर कांग्रेस का धरना
सदन के भीतर की औपचारिकताओं के बीच कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में जोरदार विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस विधायक मंत्री आवास से जुलूस निकालते हुए विधानसभा के मुख्य द्वार तक पहुंचे। विधायकों के हाथों में विभिन्न मांगों से संबंधित नारों वाली तख्तियां थीं। कांग्रेस सदस्यों ने विधानसभा की सीढ़ियों पर बैठकर धरना दिया। विपक्षी दल ने दो दिवसीय सत्र की कम अवधि और अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी को बचाने के आरोपों को उठाते हुए निष्पक्ष न्याय की मांग की।
सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी
विधानसभा भवन से बाहर सड़कों पर स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर माहौल तनावपूर्ण रहा। उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने सत्र के दौरान विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने कई स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग की थी। दिवालीखाल और जंगलचट्टी क्षेत्र में यूकेडी कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने 'जय पहाड़, जय पहाड़ी' के नारों के साथ गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग उठाई। इस दौरान दुगथम्बा बैरियर पर यूकेडी नेता आशीष नेगी भी पहुंचे।

बैरिकेडिंग तोड़ आगे बढ़े कार्यकर्ता
जंगलचट्टी में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब यूकेडी, कांग्रेस और स्वराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकेड तोड़कर दिवालीखाल की ओर बढ़ने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। इस दौरान कई जगह धक्का-मुक्की हुई। सिमली बैंड क्षेत्र में भी पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच नोकझोंक हुई। भराड़ीसैंण से करीब 10 किलोमीटर पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग उखाड़कर खाई में फेंक दी।
सड़क पर लेटे कांग्रेसी नेता
दिवालीखाल में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा समेत अन्य नेता पुलिस बैरियर पर चढ़ गए, जिन्हें पुलिसकर्मियों ने पीछे धकेला। इसी दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। पुलिस द्वारा वाहन रोके जाने के बाद वे पैदल ही बैरिकेडिंग की ओर बढ़े और विरोध जताते हुए सड़क पर लेट गए। उनके साथ करन माहरा भी मौजूद रहे। उधर, दिवालीखाल में ही अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे प्रधान संघ के सदस्यों को पुलिस ने बसों में बैठाकर हिरासत में लिया। जंगलचट्टी में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने दोबारा पानी की बौछारें कीं।
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