राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार को उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब एक शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके स्थानीय शहीद स्मारक पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ एकत्रित हुए थे। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य देश में हाल ही में हुए नीट पेपर लीक मामले, चरमराती शिक्षा व्यवस्था और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में आंदोलन पूरी तरह से अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन कुछ ही मिनटों में वहां का माहौल पूरी तरह से बदल गया।

​भीड़ के बीच से अचानक हुआ हमला

​सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में इस पूरी घटना के खौफनाक पल कैद हुए हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि प्रदर्शन के दौरान जबरदस्त उत्साह था और अभिजीत दीपके के समर्थक उन्हें अपने कंधों पर बैठाकर मंच की तरफ ले जा रहे थे। चारों तरफ नारेबाजी हो रही थी और दीपके हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। इसी बीच, भीड़ में पहले से ही घात लगाकर बैठे दो अज्ञात युवकों ने अचानक सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए दीपके पर सीधा हमला कर दिया। हमला इतनी तेजी से हुआ कि आसपास मौजूद सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। युवकों ने दीपके को पकड़कर नीचे खींचने की कोशिश की और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।

​समर्थकों का गुस्सा और मंच से शांति की अपील


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​अपने नेता पर सरेआम हुए इस हमले को देखकर वहां मौजूद कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक बेहद आक्रोशित हो गए। उन्होंने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों हमलावर युवकों को मौके पर ही दबोच लिया। गुस्से से भरी भीड़ ने पुलिस के हस्तक्षेप करने से पहले ही दोनों युवकों की जमकर धुनाई कर दी। शहीद स्मारक पर काफी देर तक लात-घूंसे चलते रहे और स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखी। इस बीच, खुद चोटिल होने के बावजूद अभिजीत दीपके ने बेहद परिपक्वता का परिचय दिया। उन्होंने तुरंत मंच का माइक संभाला और बेहद उत्तेजित हो रही भीड़ से शांत रहने की भावुक अपील की। दीपके ने लाउडस्पीकर पर चिल्लाते हुए कहा कि हमला करने वाले युवकों को छोड़ दिया जाए और कानून को अपने हाथ में न लिया जाए। उनकी इस अपील के बाद कार्यकर्ताओं का गुस्सा कुछ शांत हुआ और स्थानीय पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस हमले के पीछे क्या मंशा थी और क्या यह किसी राजनीतिक साजिश का हिस्सा था।

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