बिहार के भागलपुर जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां नौगछिया पुलिस जिले के खरीक प्रखंड स्थित राघोपुर पंचायत में गंगा नदी में एक नाव अचानक पलट गई। यह नाव काजीकोरैया-राघोपुर जमींदारी तटबंध को कटाव से बचाने के लिए चलाए जा रहे मरम्मत कार्य में लगी हुई थी। हादसे के समय नाव पर लगभग 22 मजदूर सवार थे, जो कटाव रोकने के लिए रेत की बोरियां नदी में डालने का काम कर रहे थे। गंगा की मुख्य धारा का दबाव लगातार तटबंध पर बना हुआ था, जिसे नियंत्रित करने की कोशिश के दौरान यह दुर्घटना घटी।

असंतुलन बना हादसे का कारण

घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मजदूर नाव पर सवार होकर बोरियों को उठाकर नदी में डालते दिख रहे हैं। इसी दौरान एक तरफ वजन ज्यादा हो जाने के कारण नाव का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और वह गंगा की तेज धारा में पलट गई। नाव पलटते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पानी में गिरते ही कई मजदूरों ने हिम्मत दिखाई और तैरकर या आसपास की मदद से किनारे पहुंचकर अपनी जान बचाई। कुल 16 मजदूर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन छह मजदूर नदी के तेज बहाव में लापता हो गए।

राहत और बचाव कार्य तेज


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हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को तुरंत राहत और बचाव कार्य में लगाया गया। मोटरबोट और लाइफ जैकेट से लैस बचावकर्मी गंगा की धारा में लापता मजदूरों की लगातार तलाश कर रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों और गोताखोरों की मदद भी ली जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ मजदूर पलटी हुई नाव के नीचे फंस गए हो सकते हैं। नदी की तेज धारा और जलस्तर के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कटाव से जूझता राघोपुर

राघोपुर इलाका बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल का पैतृक गांव है, जहां हाल के दिनों में गंगा का जलस्तर बढ़ने से मंत्री के आवास तक में पानी प्रवेश कर गया था। इसके बाद से जल संसाधन विभाग के निर्देश पर तटबंध को बचाने के लिए कटाव-रोधी कार्य तेजी से कराया जा रहा था। यह कार्य ठेकेदार की देखरेख में चल रहा था और इसमें घोघा, इस्माइलपुर तथा परबत्ता समेत आसपास के इलाकों के मजदूर तैनात थे। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान लापता मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने पर केंद्रित है।

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