बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर विशाल प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में छात्र व युवा संगठन पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में एकत्रित हुए। वहां से अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के उद्देश्य से मार्च निकालना शुरू किया।

डाकबंगला चौराहे पर पुलिस का बल प्रयोग

​प्रदर्शनकारी जैसे ही डाकबंगला चौराहे व जेपी गोलंबर के पास पहुंचे, वहां तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें रोकने के लिए मजबूत बैरिकेडिंग कर रखी थी। आक्रोशित छात्रों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ने का प्रयास किया। स्थिति को अनियंत्रित होते देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन की तेज बौछारें छोड़ीं व लाठीचार्ज शुरू कर दिया।

झड़प व पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल


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​लाठीचार्ज के बाद मौके पर भगदड़ मच गई व स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। जवाब में प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस बल पर पथराव किया गया। इस हिंसक झड़प व पत्थरबाजी के दौरान कई पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आईं। इसके साथ ही कई छात्र भी चोटिल हुए। पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए दर्जनों छात्रों को हिरासत में ले लिया।

परीक्षा सुधार समेत डोमिसाइल नीति की मांग

​अभ्यर्थी 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करने, शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) को एक चरण में आयोजित करने, राज्य में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया व डोमिसाइल नीति को सख्ती से लागू करने की मांग कर रहे हैं। लंबे समय से चल रहे असंतोष के बीच BPSC परीक्षा नियंत्रक के एक विवादित बयान ने छात्रों के गुस्से को और भड़का दिया, जिसके बाद यह बड़ा आंदोलन देखने को मिला।

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