सोशल मीडिया पर अपनी तीखी टिप्पणियों और 'कॉकरोच जनता पार्टी' के गठन के साथ चर्चा में आए अभिजीत दीपके इन दिनों बोस्टन में हैं। उनके हालिया बयानों और अब उनके परिवार की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति ने राजनीतिक गलियारों और समर्थकों के बीच खलबली मचा दी है। अभिजीत ने अगले महीने यानी जून 2026 में भारत लौटने की सार्वजनिक घोषणा की है। उनके समर्थकों के लिए यह एक बड़ी खबर है, लेकिन उनके परिवार के लिए स्थिति बेहद भयावह हो गई है। उनकी वापसी का निर्णय अब केवल एक राजनीतिक कदम नहीं, बल्कि उनके परिवार के अस्तित्व और सुरक्षा की लड़ाई बन चुका है।
कानूनी और सुरक्षा मोर्चे पर बढ़ती चुनौतियां
अभिजीत के परिवार पर आए संकट का हालिया प्रमाण छत्रपति संभाजीनगर स्थित उनके घर की स्थिति से मिलता है। परिवार ने धमकियों के चलते अपना घर छोड़ दिया है और घर की जिम्मेदारी अब एक रिश्तेदार को सौंपी गई है। उनके घर को पुलिस ने पूरी तरह से सुरक्षा घेरे में ले लिया है, जहां 24 घंटे निगरानी की जा रही है। घर के चारों ओर 30 से अधिक सीसीटीवी कैमरे तैनात किए गए हैं और एमआईडीसी वालुज पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। यह स्पष्ट है कि अभिजीत की राजनीतिक सक्रियता ने उनके पूरे परिवार को निशाने पर ला दिया है।
धमकी और घर छोड़ने का मजबूरन निर्णय
अभिजीत की मां अनिता का कहना है कि वे लोग अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर अत्यंत भयभीत हैं। उन्हें आशंका है कि भारत आने पर उनके बेटे को गिरफ्तार किया जा सकता है और उस पर फर्जी मामले दर्ज किए जा सकते हैं। परिवार को मिले संदेश में सीधे तौर पर धमकी दी गई थी कि यदि सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट नहीं किया गया, तो वे घर तक पहुंच जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से परिवार का घर छोड़ना यह दर्शाता है कि धमकियां कितनी गंभीर और डरावनी हैं। पुलिस के पहरे के बावजूद, पड़ोसियों में भी डर का माहौल है और लोग इस स्थिति से परेशान हैं।
राजनीतिक भविष्य का अनिश्चित और तनावपूर्ण अध्याय
कॉकरोच जनता पार्टी का भविष्य अब इस बात पर निर्भर करता है कि अभिजीत अपनी वापसी के बाद किस तरह की रणनीति अपनाते हैं। क्या वे अपने परिवार पर आए इस संकट के बाद भी अपनी राजनीतिक मुहिम जारी रखेंगे, या वे सुरक्षा कारणों से पीछे हटेंगे। वर्तमान में उनके पिता का भी राजनीति से जुड़ाव रहा है, लेकिन अब परिवार की सुरक्षा पहली प्राथमिकता बन गई है। भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक संघर्ष के बीच, अभिजीत का मामला अब व्यक्तिगत सुरक्षा के गंभीर संकट में बदल चुका है, जो उनके आगामी स्वदेश आगमन को और अधिक अनिश्चित बनाता है।
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