दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला से इस वक्त की बेहद चिंताजनक और बड़ी खबर सामने आ रही है। बुधवार की शाम वेनेजुएला की धरती उस समय बुरी तरह कांप उठी जब बैक-टू-बैक दो बेहद शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारतीय समयानुसार यह आपदा गुरुवार की सुबह दर्ज की गई। इन दोहरे भूकंपों ने पूरे क्षेत्र में ऐसी भयावह स्थिति पैदा कर दी है कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां बड़े पैमाने पर तबाही का अनुमान लगा रही हैं। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक जान-माल का इतना भारी नुकसान होने की आशंका है जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। अमेरिकी एजेंसी इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
भीषण दोहरे झटकों से दहली धरती
वैज्ञानिकों और भूकंप विज्ञानियों के अनुसार यह कोई सामान्य भूकंपीय गतिविधि नहीं थी बल्कि कुछ ही सेकेंड के अंतराल पर आए दो बड़े झटके थे। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे यानी यूएसजीएस के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक पहला झटका रिक्टर स्केल पर 7.2 की तीव्रता का मापा गया था। लोग अभी इस पहले झटके के खौफ से उबर भी नहीं पाए थे कि महज कुछ ही सेकेंड के भीतर दूसरा और उससे भी कहीं अधिक शक्तिशाली भूकंप आया जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.5 दर्ज की गई। इतनी कम अवधि में इतने ऊंचे स्तर के दोहरे झटकों ने इमारतों और बुनियादी ढांचे को संभलने का कोई मौका नहीं दिया।
भारी जनहानि की गंभीर आशंका
इस प्राकृतिक आपदा का सबसे खौफनाक पहलू इससे होने वाली संभावित मौतों का आंकड़ा है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे ने अपने शुरुआती आकलन और कंप्यूटर मॉडलिंग के आधार पर एक बेहद डरावनी चेतावनी जारी की है। एजेंसी के अनुमानों के मुताबिक इस आपदा में दस हजार से ज्यादा लोगों की मौत होने की आशंका लगभग 44 प्रतिशत तक है। इतना ही नहीं संकट की गंभीरता यहीं खत्म नहीं होती क्योंकि वैज्ञानिकों ने यह भी साफ किया है कि मृतकों का यह आंकड़ा एक लाख की संख्या को भी पार कर सकता है और इसकी आशंका भी 30 प्रतिशत जैसी बड़ी दर पर बनी हुई है। यह अनुमान बताते हैं कि प्रभावित इलाकों में जमीनी हालात कितने भयावह हो सकते हैं।
कराकस से पश्चिम में तबाही का केंद्र
भूकंप के इस विनाशकारी केंद्र की भौगोलिक स्थिति की बात करें तो दोनों ही झटके देश की राजधानी कराकस के नजदीकी हिस्सों में महसूस किए गए। हालांकि इसका मुख्य केंद्र राजधानी कराकस से करीब 290 किलोमीटर दूर पश्चिम दिशा में स्थित था। पश्चिमी वेनेजुएला के इस हिस्से में आबादी वाले कई क्षेत्र आते हैं जो इस भीषण झटके की सीधी जद में आ गए हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां अब प्रभावित इलाकों से संपर्क साधने और जमीनी हकीकत का पता लगाने की कोशिशों में जुट गई हैं। संचार माध्यमों के बाधित होने के कारण नुकसान का सटीक विवरण जुटाने में समय लग रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण
इस भीषण आपदा की खबर फैलते ही वैश्विक समुदाय में भी चिंता की लहर दौड़ गई है। लातिन अमेरिकी देशों सहित दुनिया के कई बड़े संगठन वेनेजुएला की स्थिति पर नजरें गड़ाए हुए हैं। इतनी बड़ी तीव्रता वाले भूकंप के बाद आमतौर पर बुनियादी ढांचा पूरी तरह ध्वस्त हो जाता है जिससे राहत और बचाव कार्यों में भारी मुश्किलें आती हैं। फिलहाल वेनेजुएला के भीतर से आ रही शुरुआती तस्वीरों और सूचनाओं के आधार पर यह साफ है कि देश इस सदी के सबसे बड़े संकटों में से एक का सामना कर रहा है और आने वाले दिन वहां के नागरिकों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं।
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