उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। राजधानी देहरादून और उसके आसपास के इलाकों में बुधवार को हुई भारी वर्षा के बाद आज, यानी गुरुवार को भी बारिश का दौर लगातार जारी है। नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि पहाड़ी इलाकों में जगह-जगह भूस्खलन होने की खबरें आ रही हैं। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आज भी देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
देहरादून समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में आज भी काले बादलों का डेरा है और बौछारें पड़ने का क्रम बना हुआ है। बीते 24 घंटों में चकराता, मसूरी और धनोल्टी क्षेत्र में 150 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि देहरादून शहर में 60 मिलीमीटर तक पानी बरसा है।
लगातार हो रही बारिश से रिस्पना, बिंदाल, सोंग और सुसवा जैसी नदियों का जलस्तर काफी बढ़ चुका है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। कई सड़कों पर पानी भरने से यातायात ठप है, वहीं पहाड़ी रास्तों पर मलबा आने से आवाजाही बाधित हुई है।
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियां और नाले विकराल रूप धारण कर चुके हैं। खतरे को देखते हुए पहाड़ी जिलों में प्रशासन द्वारा संवेदनशील और निचले इलाकों में लाउडस्पीकर के जरिए लगातार सार्वजनिक घोषणाएं (मुनादी) की जा रही हैं।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में गश्त कर लोगों को सतर्क कर रही हैं। निवासियों को सख्त हिदायत दी जा रही है कि वे उफान पर आई नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास बिल्कुल न जाएं। सुरक्षा के लिहाज से लोगों को अपने घरों में रहने या प्रशासन द्वारा चिह्नित सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में शरण लेने की अपील की जा रही है, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज गुरुवार को राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है। वहीं देहरादून, चमोली और बागेश्वर में अत्यंत तीव्र बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है।
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