पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। सीबीआई की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट से साफ हो गया है कि इस हाई-प्रोफाइल मर्डर की साजिश चंद्रनाथ रथ के अपने ही दफ्तर के एक कर्मचारी ने रची थी।
सीबीआई के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी के दफ्तर में काम करने वाले स्टाफ सदस्य सागर सोनकर और उसके भाई साहिब सोनकर ने मिलकर चंद्रनाथ की हत्या की साजिश बुनी थी। इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के लिए सागर ने उत्तर प्रदेश के पेशेवर शूटरों को सुपारी दी थी। चार्जशीट में उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के शूटरों, बिचौलियों और मास्टरमाइंड समेत कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
चुनाव नतीजों के तुरंत बाद हुई थी हत्या
घटना विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के ठीक दो दिन बाद मध्यमग्राम इलाके में हुई थी। चंद्रनाथ रथ जब अपने वाहन से जा रहे थे, तभी बाइक सवार हथियारबंद बदमाशों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। चंद्रनाथ रथ चुनाव के दौरान पार्टी के प्रमुख अभियानों और रणनीतियों का जिम्मा संभाल रहे थे, इसलिए इस हत्या के बाद राज्य में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया था।
दिसंबर से रची जा रही थी साजिश
जांच एजेंसी की पड़ताल में सामने आया है कि चंद्रनाथ रथ को रास्ते से हटाने की योजना एक-दो दिन में नहीं, बल्कि कई महीनों पहले से बनाई जा रही थी। सागर सोनकर ने यूपी के शूटरों को कोलकाता बुलाकर चंद्रनाथ की रेकी करवाई थी और उन्हें पैसे, हथियार तथा ठहरने की व्यवस्था मुहैया कराई थी।
राजनीतिक एंगल से भी जांच जारी
कॉल डिटेल्स और साइबर फॉरेंसिक रिपोर्ट से पता चला है कि सागर सोनकर पहले एक प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दल के विधायक के लिए काम कर चुका था। वारदात के दिन और उससे पहले भी वह विरोधी दल के एक स्थानीय दफ्तर के संपर्क में था। सीबीआई अब इस पहलू की भी गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या सागर सिर्फ एक मोहरा था और इस हत्या के पीछे कोई बड़ा राजनीतिक आका शामिल है।
फिलहाल सीबीआई ने 11 आरोपियों के खिलाफ अदालत में औपचारिक चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसके बाद इस केस में जल्द ही अदालती सुनवाई शुरू होने की उम्मीद है।
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