झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं से फोन पर बातचीत की है।
8छात्र नेता पीयूष कुमार के अनुसार, उन्होंने राहुल गांधी को परीक्षा रद्द करने, निष्पक्ष जांच और प्रणालीगत सुधारों से जुड़ी अपनी प्रमुख मांगों के बारे में जानकारी दी। इस पर राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों का खुलकर समर्थन किया और आश्वासन दिया कि वह राज्य सरकार से इस संबंध में बात करके छात्रों के हित में कदम उठवाने का प्रयास करेंगे।
झारखंड की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के लिहाज से राहुल गांधी का यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 81 सीटों वाली झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुवाई वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) सरकार को कांग्रेस के 16 और आरजेडी के 4 विधायकों का समर्थन प्राप्त है।
सत्ताधारी गठबंधन के प्रमुख घटक दल का शीर्ष नेता होने के नाते राहुल गांधी का आंदोलनकारियों से संवाद करना राज्य की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है। दूसरी तरफ रांची में जारी इस आंदोलन के बीच छात्रों ने सरकार से औपचारिक वार्ता के लिए अपने एक प्रतिनिधिमंडल का भी गठन किया है।
विवाद की मुख्य जड़ 2 जुलाई को जारी हुए जेपीएससी 14वीं प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम हैं, जिसमें 2,204 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किए गए थे। रिजल्ट आते ही कट-ऑफ श्रेणीवार जारी न होने और परिणामों पर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के हस्ताक्षर न होने को लेकर सवाल उठने लगे।
इसके अलावा सोशल मीडिया पर एक कथित ओएमआर शीट भी वायरल हुई, जिसमें केवल 48 सवाल भरने के बावजूद अभ्यर्थी के चयन का दावा किया गया। इन अनियमितताओं ने छात्रों के आक्रोश को और बढ़ा दिया।
छात्रों का गंभीर आरोप है कि परीक्षाओं में पेपर लीक और सीटों की खरीद-फरोख्त हुई है। प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि उन्हें राज्य की सीआईडी जांच पर बिल्कुल भरोसा नहीं है, इसलिए इस पूरे मामले की जांच सीबीआई या ईडी से कराई जानी चाहिए। अपनी इन्हीं मांगों को लेकर अभ्यर्थी 25 जुलाई से रांची की सड़कों पर डटे हुए हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
---समाप्त---