पंजाब सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया है। सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, उनकी जगह अब डीआईजी बॉर्डर रेंज हरमन बीर सिंह गिल को अमृतसर के पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गिल तुरंत अपना नया कार्यभार संभालेंगे, जबकि पदमुक्त किए गए गुरप्रीत सिंह भुल्लर को पुलिस महानिदेशक कार्यालय में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

​यह अचानक हुआ प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल ही में पूर्व पुलिस कमिश्नर के एक कथित बयान को लेकर बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया था। भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक इंटरनेट मीडिया हैंडल्स पर एक वीडियो क्लिप साझा की गई थी। इस क्लिप के आधार पर यह दावा किया जा रहा था कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रदर्शन का सीधा संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा समर्थित आतंकी नेटवर्क से है।

​सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद अमृतसर पुलिस को तुरंत स्थिति स्पष्ट करने के लिए आगे आना पड़ा था। पुलिस प्रशासन ने भाजपा के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि इंटरनेट पर प्रसारित की जा रही वीडियो क्लिप एडिटेड और ट्रिम की गई है, जिसे पूरी तरह से गलत संदर्भ में पेश किया गया। पुलिस ने बयान जारी कर साफ किया था कि तत्कालीन कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने अपनी प्रेस वार्ता में ऐसा कोई दावा नहीं किया था कि गिरफ्तार आरोपी जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का हिस्सा थे।

​अमृतसर पुलिस के स्पष्टीकरण के अनुसार, उस प्रेस वार्ता का मुख्य विषय केवल एक पकड़े गए आतंकी और आपराधिक मॉड्यूल का भंडाफोड़ करना था। जांच के दौरान यह बात जरूर सामने आई थी कि गिरफ्तार आरोपियों ने जंतर-मंतर वाले इलाके की रेकी की थी, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं था कि वे वहां आयोजित किसी राजनीतिक या सामाजिक प्रदर्शन में शामिल थे। हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर बने तनावपूर्ण माहौल और उठे सियासी बवंडर के बीच राज्य सरकार ने अंततः पुलिस कमिश्नर को हटाने का फैसला ले लिया।


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