- Somali तट पर भीषण हमला: टैंकर को बनाया निशाना
- अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने पुष्टि
- सोमाली समुद्री डाकुओं की वापसी का सबसे बड़ा संकेत
- रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) और मशीनगन से हमला
दुबई/सिक्का (भारत): Somali Piracy Resurgence: अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने पुष्टि की है कि भारत के सिक्का बंदरगाह से दक्षिण अफ्रीका के डरबन जा रहे एक माल्टा-ध्वज वाले तेल/रासायनिक टैंकर पर सोमालिया के तट के पास भीषण हमला हुआ है। यह हमला सोमाली समुद्री डाकुओं की वापसी का सबसे बड़ा संकेत है। रिपोर्टों के अनुसार, हमलावरों ने जहाज को रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) और मशीनगन से निशाना बनाया और टैंकर पर सवार हो गए। यह घटना सोमालिया तट से लगभग 550 समुद्री मील दूर हिंद महासागर में 6 नवंबर 2025 गुरुवार सुबह हुई।
ब्रिटिश सेना के यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने इस हमले का अलर्ट जारी किया। जहाज के ग्रीक ऑपरेटर, लैत्सको मरीन मैनेजमेंट (Latsco Marine Management) ने पुष्टि की कि उनके पोत, 'हेलास एफ्रोडाइट' (Hellas Aphrodite) पर हमला हुआ है। कंपनी ने तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम को सक्रिय कर दिया है। Somali Piracy Resurgence की यह घटना पिछले एक साल में व्यावसायिक जहाज के अपहरण की पहली बड़ी घटना है, जिसने शिपिंग कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है।
चालक दल सुरक्षित, जहाज में छिपकर बचाई जान
हमले के दौरान जहाज पर सवार 24 चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित कर ली गई है। जहाज के मालिक ने बताया कि हमला शुरू होते ही चालक दल ने खुद को जहाज के सुरक्षात्मक गढ़ (Citadel) में बंद कर लिया था।
- हथियारों का इस्तेमाल: हमलावरों ने तेज गति से आने वाली छोटी नौकाओं (Skiffs) का उपयोग किया और करीब आते ही सीधे मशीनगन और RPG से टैंकर पर गोलीबारी शुरू कर दी।
- समुद्री डाकुओं की रणनीति: निजी सुरक्षा फर्म एम्ब्रे (Ambrey) ने दावा किया कि ये सोमाली डाकू थे, जो संभवतः हाल ही में जब्त की गई एक ईरानी मछली पकड़ने वाली नाव को 'मदर वेसल' के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे।
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विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला दिखाता है कि Somali Piracy Resurgence अब तट से सैकड़ों मील दूर गहरे पानी में भी हो रहा है, जो सुरक्षा को एक नई चुनौती दे रहा है।
Somali Piracy Resurgence के पीछे के कारण
सोमाली समुद्री डाकुओं की गतिविधियाँ 2011 में चरम पर थीं, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय नौसेना गश्ती दल और सोमालियाई सरकार के प्रयासों से इन पर रोक लग गई थी। हालांकि, पिछले एक साल में हालात फिर से बिगड़े हैं:
- हूती विद्रोहियों का प्रभाव: यमन में हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर मार्ग पर किए जा रहे लगातार हमलों के कारण कई जहाजों ने अपने मार्ग बदल लिए हैं।
- गश्त में कमी: प्रमुख शिपिंग मार्ग बदलने से अफ्रीकी तटीय क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय नौसेना गश्त कमजोर हुई है, जिसने समुद्री डाकुओं को फिर से सक्रिय होने का मौका दे दिया है। Somali Piracy Resurgence ने हिंद महासागर के व्यापार मार्गों को खतरे में डाल दिया है।
- आर्थिक कारण: समुद्री विशेषज्ञ मानते हैं कि अवैध मछली पकड़ने और आर्थिक अवसरों की कमी भी कई सोमालियों को फिर से डकैती की ओर धकेल रही है। Somali Piracy Resurgence वैश्विक व्यापार के लिए एक गंभीर खतरा है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और चेतावनी
इस हमले के बाद अंतर्राष्ट्रीय समुदाय तुरंत हरकत में आ गया है:
- यूरोपीय संघ की कार्रवाई: यूरोपीय संघ की आतंकवाद निरोधक समुद्री बल ऑपरेशन अटलांटा (Operation Atalanta) ने इस घटना पर संज्ञान लिया है और क्षेत्र में एक युद्धपोत तैनात करने की बात कही है।
- सतर्कता अलर्ट: UKMTO ने अन्य सभी जहाजों को इस क्षेत्र में अत्यधिक सतर्कता बनाए रखने और सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी है। यह Somali Piracy Resurgence की गंभीरता को दिखाता है।