- Panchayat Election 2026 तैयारी अंतिम चरण में
- एससी/एसटी आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया बाकी
- चुनाव खर्च की सीमा में हुई वृद्धि
- ग्राम पंचायतों की संख्या घटी
लखनऊ। UP Panchayat Election 2026: राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने घोषणा की है कि राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) अगले साल अप्रैल से जुलाई के मध्य त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराने की व्यापक तैयारी में जुट गया है। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि चुनाव की तिथियों को आगे बढ़ाए जाने संबंधी सभी अटकलें पूरी तरह से निराधार हैं और आयोग अपने निर्धारित समय सीमा के अनुसार ही Panchayat Election 2026 तैयारी कर रहा है।
आयोग ने चुनाव की मूलभूत और महत्वपूर्ण तैयारियों को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण चरण मतपत्रों (बैलेट पेपर) की छपाई और सभी पदों के लिए चुनाव चिन्हों को अंतिम रूप देना शामिल है। राज प्रताप सिंह ने जोर देकर कहा कि अब आयोग को केवल एक महत्वपूर्ण औपचारिकता पूरी होने का इंतजार है, जिसके बाद वह तत्काल Panchayat Election 2026 की तारीखों का ऐलान कर देगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि Panchayat Election 2026 तैयारी सुचारू रूप से चले, सभी विभाग समन्वय स्थापित कर रहे हैं।

आरक्षण प्रक्रिया पूरी होते ही तारीखों की घोषणा
आयुक्त के अनुसार, वह महत्वपूर्ण औपचारिकता अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया है। यह एक जटिल और कानूनी रूप से अनिवार्य प्रक्रिया है, जिसमें संबंधित जनसंख्या के अनुपात में सीटों का निर्धारण किया जाता है। जैसे ही राज्य सरकार और संबंधित विभागों द्वारा एससी/एसटी आरक्षण की यह विस्तृत और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, आयोग बिना किसी देरी के चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना और कार्यक्रम जारी कर देगा।
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राज प्रताप सिंह ने बताया कि आयोग ने अपनी परिचालन क्षमता को इतना सुव्यवस्थित कर लिया है कि आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने के अगले ही दिन वह चुनाव की तारीखों की घोषणा करने में सक्षम होगा। यह दर्शाता है कि Panchayat Election 2026 तैयारी अंतिम चरण में है और आयोग पूरी तरह से चुनाव कराने के लिए तत्पर है। एससी/एसटी आरक्षण के बाद ही चुनावी कार्यक्रम जारी होगा, जिससे सभी दल और उम्मीदवार अपनी रणनीति तय कर सकेंगे।
तय योजना के तहत आयोग का व्यापक कार्य
राज प्रताप सिंह ने बताया कि आयोग एक तय योजना के तहत कार्य कर रहा है ताकि पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित की जा सके। इस योजना के तहत हाल के दिनों में कई बड़े और जनता से जुड़े निर्णय लिए गए हैं:
- चुनाव खर्च की सीमा में वृद्धि: बढ़ती महंगाई और चुनावी खर्चों के मद्देनजर, उम्मीदवारों के लिए चुनाव खर्च की सीमा में वृद्धि की गई है। ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए यह वृद्धि की गई है। यह कदम चुनाव प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाने और उम्मीदवारों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।
- आवेदन शुल्क और जमानत राशि में इजाफा: अलग-अलग पदों के लिए आवेदन शुल्क और जमानत राशि (Security Deposit) में भी आनुपातिक रूप से वृद्धि की गई है, जिससे केवल गंभीर उम्मीदवार ही मैदान में आएं।
- मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सघन निगरानी: आयोग का सबसे बड़ा फोकस वर्तमान में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य पर है। प्रदेश भर में यह कार्य बड़ी संवेदनशीलता के साथ किया जा रहा है, ताकि सूची से फर्जी या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें और पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जा सकें। यह कार्य निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला है।
आयोग इस मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की लगातार समीक्षा कर रहा है और प्रत्येक सप्ताह प्रगति रिपोर्ट ले रहा है। जिन जिलों में यह कार्य सुस्त पाया गया है, उन जिलों के जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे इस कार्य में अविलंब तेजी लाएं और तय समय सीमा के भीतर इसे पूरा करें। इस पर राज प्रताप सिंह व्यक्तिगत रूप से निगरानी रख रहे हैं, जो Panchayat Election 2026 तैयारी की गंभीरता को दर्शाता है।
ग्राम पंचायतों की घटी संख्या और चुनाव क्षेत्र का विवरण
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि अगले साल का Panchayat Election 2026 57,695 ग्राम पंचायतों में होगा। उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2021 में हुए पंचायत चुनाव 58,199 ग्राम पंचायतों में हुए थे। पिछले पाँच वर्षों की अवधि में, 504 ग्राम पंचायतें शहरी क्षेत्र (नगर निगम/नगर पालिका) की सीमा में शामिल हो जाने के कारण समाप्त हो गई हैं। पुनर्गठन के बाद अब शेष बची 57,695 ग्राम पंचायतों में मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे। Panchayat Election 2026 तैयारी में यह भौगोलिक बदलाव भी शामिल है।
अगले साल होने वाले इस वृहद लोकतांत्रिक अभ्यास में राज्य के नागरिक निम्नलिखित महत्वपूर्ण पदों के लिए मतदान करेंगे:
- जिला पंचायत: कुल 75
- जिला पंचायत वार्ड: कुल 3,051
- क्षेत्र पंचायत: कुल 826
- क्षेत्र पंचायत वार्ड: कुल 75,855
- ग्राम पंचायत: कुल 57,695
75 करोड़ मतपत्रों की व्यापक छपाई
वर्ष 2021 में राज्य में 12 करोड़ 39 लाख मतदाता थे। पिछले पाँच वर्षों में मतदाताओं की संख्या में पर्याप्त बढ़ोत्तरी हुई है, जिसके सटीक आंकड़े जल्द ही अंतिम सूची में जारी किए जाएंगे। मतदाताओं की इस बढ़ी हुई संख्या को देखते हुए, आयोग ने एक बड़ा निर्णय लिया है। आयोग 75 करोड़ मतपत्र (बैलेट पेपर) छपवाने की तैयारी कर रहा है।
ये मतपत्र विशेष तरह के कागज पर और तीन अलग-अलग रंगों में छपेंगे, जिससे विभिन्न पदों के लिए मतपत्रों की पहचान सुनिश्चित की जा सके। मतपत्रों की छपाई को लेकर आयोग में बैठकों का सिलसिला जारी है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि चुनाव सामग्री समय पर उपलब्ध हो। यह भी Panchayat Election 2026 तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।संशोधित चुनाव खर्च सीमा का विवरण
चुनाव खर्च की सीमा में वृद्धि की जानकारी देते हुए आयोग द्वारा निर्धारित नई सीमा और शुल्क का विवरण इस प्रकार है:
ग्राम प्रधान के पद पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अब अधिकतम ₹1.25 लाख खर्च कर सकेंगे। क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष के लिए यह सीमा बढ़ाकर ₹3.50 लाख और जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए ₹7.00 लाख निर्धारित की गई है। इसके अलावा, अलग-अलग पदों के लिए नामांकन पत्र खरीदने का मूल्य ₹100 से लेकर ₹1500 तक तय किया गया है, जबकि प्रत्याशियों के लिए जमानत राशि (Security Deposit) ₹400 से लेकर अधिकतम ₹25,000 तक की गई है। यह कदम चुनाव में वित्तीय अनुशासन लाने के लिए उठाया गया है।
राज प्रताप सिंह ने अंत में दोहराया कि आयोग अपनी समय सारणी पर अडिग है और सभी Panchayat Election 2026 तैयारी अंतिम चरण में हैं। मतदाताओं को जल्द ही चुनाव की तारीखों की घोषणा की उम्मीद रखनी चाहिए।