भारतीय रेलवे के हावड़ा-पटना-दिल्ली मुख्य रेलखंड पर शनिवार की आधी रात एक बड़ा मालगाड़ी हादसा हुआ है। सिमुलतला और टेलवा बाजार हाल्ट के बीच पुल संख्या 676 पर सीमेंट लदी मालगाड़ी के बेपटरी होने से न केवल रेल यातायात ठप हो गया, बल्कि सुरक्षा तंत्र की उन खामियों को भी उजागर कर दिया है जिन्हें पहले नजरअंदाज किया गया था। यह हादसा उस वक्त हुआ जब जसीडीह से झाझा की ओर जा रही ट्रेन पुल के पास पहुंची और अचानक तेज धमाके के साथ इसके डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़ गए। इस घटना का सबसे डरावना पहलू यह है कि ठीक इसी स्थान पर कुछ समय पहले एक बड़ी साजिश को नाकाम किया गया था, जिससे अब तकनीकी खराबी और तोड़फोड़ दोनों ही संभावनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
घटनास्थल का संदिग्ध अतीत और सुरक्षा की चुनौतियां
जिस पुल संख्या 676 पर यह दुर्घटना हुई है, उसका इतिहास बेहद संदेहास्पद रहा है। इसी साल फरवरी के महीने में इसी जगह पर शरारती तत्वों ने फिश प्लेट और पेंड्रोल क्लिप खोलकर गंगासागर एक्सप्रेस को निशाना बनाने की कोशिश की थी। उस समय गश्ती दल की सक्रियता ने एक भीषण नरसंहार को टाल दिया था। अब उसी संवेदनशील बिंदु पर मालगाड़ी का इस तरह दुर्घटनाग्रस्त होना रेलवे की इंटेलिजेंस और ट्रैक मेंटेनेंस दोनों पर सवाल उठाता है। क्या पटरियों की मरम्मत में लापरवाही बरती गई या फिर यह किसी सुनियोजित साजिश का अगला हिस्सा है, यह जांच का मुख्य केंद्र बन गया है। आसनसोल मंडल की रेल प्रबंधक विनिता श्रीवास्तव समेत उच्चाधिकारी मौके पर मौजूद हैं, लेकिन बार-बार एक ही स्थान का टारगेट होना महज इत्तेफाक नहीं लगता।
रेल परिचालन ठप और यात्रियों की बढ़ती मुश्किलें
हादसे के प्रभाव ने दिल्ली-हावड़ा रूट की जीवन रेखा को पूरी तरह से काट दिया है। रात के सन्नाटे में हुए इस धमाके के बाद से ही अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों का पहिया थम गया है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि करीब दो दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर फंसी हुई हैं। स्टेशनों पर ठिठुरते यात्रियों के पास न तो स्पष्ट जानकारी है और न ही आगे बढ़ने का कोई ठोस विकल्प। रेलवे प्रशासन हालांकि युद्धस्तर पर पटरियों को दुरुस्त करने का दावा कर रहा है, लेकिन मलबे का फैलाव और पुल की जटिल संरचना को देखते हुए यातायात बहाल करने में काफी समय लगने की आशंका है। यह घटना रेलवे के उस 'जीरो टॉलरेंस' दावों की भी परीक्षा ले रही है जो सुरक्षा को लेकर अक्सर किए जाते रहे हैं।
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