झारखंड के चतरा जिले से एक ऐसी खबर आई जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार की शाम चतरा के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले करमाटांड़ के घने जंगलों में उस समय चीख-पुकार मच गई, जब रांची से दिल्ली की उड़ान भर रहा एक एयर एंबुलेंस अचानक क्रैश हो गया। यह हादसा इतना भीषण था कि विमान के परखच्चे उड़ गए और इसमें सवार सात लोगों में से किसी की भी जान नहीं बच सकी। जैसे ही विमान के गिरने की गूंज स्थानीय गांवों तक पहुंची, आसपास के क्षेत्रों में दहशत फैल गई। अंधेरी रात और दुर्गम जंगली इलाका होने के कारण बचाव कार्य में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें हरकत में आ गईं।
उड़ान के बाद टूटा संपर्क
हादसे का शिकार हुआ बीचक्राफ्ट C-90 विमान रेड बर्ड एविएशन द्वारा संचालित किया जा रहा था। यह विमान रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती एक गंभीर मरीज संजय कुमार को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। आंकड़ों के अनुसार विमान ने शाम सात बजकर ग्यारह मिनट पर रांची से उड़ान भरी थी। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन उड़ान भरने के महज तेईस मिनट बाद ही स्थितियां बिगड़ने लगीं। बताया जा रहा है कि पायलटों ने कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क कर खराब मौसम की जानकारी दी थी और रास्ता बदलने की अनुमति मांगी थी। इसके कुछ ही समय बाद रडार से विमान का सिग्नल पूरी तरह गायब हो गया और यह चतरा की कसरिया पंचायत के निकट जंगलों में जा गिरा।
अपनों को बचाने की कोशिश का दुखद अंत
इस त्रासदी में जान गंवाने वालों में तालझारी निवासी संजय कुमार शामिल थे, जो आग से बुरी तरह झुलस जाने के कारण जीवन और मौत की जंग लड़ रहे थे। बेहतर उपचार की उम्मीद में उनके परिजन उन्हें दिल्ली ले जा रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। विमान में संजय के साथ उनके दो रिश्तेदार, दो अनुभवी पायलट, एक डॉक्टर और एक नर्स सवार थे। चतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री जी. और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंचे बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से सभी सातों शवों को बाहर निकाला। मृतकों की पहचान कैप्टन विवेक विकास भगत, कैप्टन सवराजदीप सिंह, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और अन्य सहयोगियों के रूप में हुई है।
जांच के घेरे में हादसा
दुर्घटना के बाद अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है। शुरुआती रिपोर्ट्स में खराब मौसम को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है, लेकिन तकनीकी खराबी की संभावनाओं को भी नकारा नहीं गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अचानक आसमान से एक तेज आवाज सुनी और फिर धुएं का गुबार देखा। फिलहाल प्रशासन ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और विमान के मलबे की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर हवा में ऐसा क्या हुआ जिसने सात हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां छीन लीं।
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