राजस्थान के औद्योगिक हब भिवाड़ी में सोमवार की सुबह एक हृदयविदारक हादसे के साथ शुरू हुई। खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्लॉट नंबर G1/118B पर संचालित एक केमिकल फैक्ट्री अचानक आग के गोले में तब्दील हो गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि वहां काम कर रहे श्रमिकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। रसायनों की मौजूदगी ने आग में घी का काम किया, जिससे लपटें आसमान छूने लगीं और पूरी फैक्ट्री काले धुएं के गुबार में समा गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह के समय जब फैक्ट्री में कामकाज सामान्य रूप से चल रहा था, तभी अचानक हुए इस हादसे ने पूरे इलाके में दहशत पैदा कर दी।

मजदूरों की जान पर भारी पड़ी रसायनों की मौजूदगी

​हादसे के वक्त फैक्ट्री परिसर के भीतर करीब 20 से 25 श्रमिक मौजूद थे। जैसे ही आग फैली, कुछ श्रमिक तो जान बचाकर बाहर भागने में सफल रहे, लेकिन कई बदनसीब मजदूर आग और धुएं के बीच ही फंस गए। फैक्ट्री के भीतर मौजूद ज्वलनशील केमिकल्स के कारण आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर फंसे लोगों को बाहर निकलने का रास्ता ही नहीं मिला। रेस्क्यू टीम ने जब फैक्ट्री के भीतर प्रवेश किया, तो वहां का दृश्य अत्यंत विचलित करने वाला था। घंटों की मशक्कत के बाद जब आग पर काबू पाया गया, तब जाकर तलाशी अभियान शुरू हो सका।

प्रशासनिक अमला और राहत कार्यों की स्थिति

​घटना की गंभीरता को देखते हुए भिवाड़ी एसपी, तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह और अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुमित्रा मिश्र ने स्वयं मोर्चा संभाला। प्रशासन ने आसपास के सभी क्षेत्रों से दमकल की गाड़ियां बुलाकर करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लपटों को शांत किया। तलाशी अभियान के दौरान मलबे और धुएं के बीच से सात श्रमिकों के शव बरामद किए गए। वहीं एक गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति को तत्काल दिल्ली एम्स भेजा गया था, लेकिन उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकता फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरी तरह संपन्न करने और स्थिति को नियंत्रण में रखने की है।

परिजनों का आक्रोश और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

​भीषण अग्निकांड में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों का गुस्सा फूट पड़ा है। अपनों को खोने के गम और कंपनी प्रबंधन की कथित लापरवाही के खिलाफ श्रमिकों के परिजनों ने फैक्ट्री के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। स्थिति की संवेदनशीलता और किसी भी संभावित टकराव को रोकने के लिए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुमित्रा मिश्र ने आधिकारिक तौर पर मौतों की पुष्टि करते हुए कहा कि आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। फिलहाल कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है, जिससे लोगों में असंतोष और अधिक बढ़ गया है।


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