खटीमा के प्रतिष्ठित सराफ पब्लिक स्कूल में अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन द्वारा हर साल नियम विरुद्ध तरीके से फीस में भारी बढ़ोतरी की जा रही है जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इसके अतिरिक्त लेट फीस के नाम पर भारी पेनल्टी वसूलने और समय पर शुल्क जमा न होने की स्थिति में मासूम छात्रों को प्रयोगात्मक परीक्षाओं से वंचित करने की धमकियां दी जा रही हैं। इस प्रकार की कार्यप्रणाली से न केवल अभिभावक आर्थिक रूप से परेशान हैं बल्कि छात्रों का मानसिक शोषण भी हो रहा है।

जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद प्रशासनिक सक्रियता

इस गंभीर मुद्दे को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अभिभावकों के साथ मिलकर खंड शिक्षा अधिकारी भानु प्रसाद कुशवाहा से मुलाकात की थी। पूर्व में मौखिक और लिखित शिकायतों पर उचित कार्यवाही न होने से रोष व्याप्त था जिसे देखते हुए विभाग ने तत्काल प्रभाव से तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। इस समिति में राणा प्रताप इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और राजकीय प्राथमिक विद्यालय दिया के प्रधानाचार्य रुपेश कुमार को शामिल किया गया है। टीम ने विद्यालय परिसर में पहुंचकर प्राचार्य अशोक बंसल और शिकायतकर्ता अभिभावकों के विस्तृत बयान दर्ज किए हैं।

एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

जांच प्रक्रिया के दौरान बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और पंजाबी महासभा के सदस्यों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और प्रबंधन के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग की। अभिभावकों का स्पष्ट कहना है कि यदि जांच में प्रबंधन दोषी पाया जाता है तो विद्यालय की मान्यता रद्द करने जैसी कठोर कार्यवाही अमल में लाई जानी चाहिए। जांच समिति के सदस्यों ने आश्वस्त किया है कि सभी साक्ष्यों और बयानों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी जाएगी। वर्तमान में पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सबकी नजरें आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।


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