उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र खटीमा में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। अभी हाल ही में हुए चर्चित तुषार हत्याकांड की यादें लोगों के जेहन से धुंधली भी नहीं हुई थीं कि एक और हिंसक वारदात ने स्थानीय निवासियों में दहशत पैदा कर दी है। शहर के व्यस्त रहने वाले वार्ड नंबर नौ यानी इस्लाम नगर में हुई इस ताजा घटना ने यह साफ कर दिया है कि अपराधियों के भीतर कानून का भय समाप्त होता जा रहा है। सरेराह हुई इस चाकूबाजी की घटना ने प्रशासन की मुस्तैदी पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
दुकान के सामने खूनी संघर्ष
इस्लाम नगर निवासी अमजद के बाईस वर्षीय पुत्र फरदीन पर यह जानलेवा हमला उस वक्त हुआ जब वह अपनी दुकान पर मौजूद था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बेहद छोटी और मामूली बात से शुरू हुआ था लेकिन देखते ही देखते स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। आक्रोश में आकर हमलावर ने अपनी जेब से चाकू निकाला और फरदीन के पेट पर प्रहार कर दिया। हमले के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। हमलावर ने पूरी तैयारी के साथ फरदीन को निशाना बनाया था जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
बाल-बाल बची युवक की जान
लहूलुहान अवस्था में फरदीन को तुरंत नागरिक चिकित्सालय खटीमा पहुँचाया गया जहाँ आपातकालीन विभाग में तैनात चिकित्सक डॉक्टर बीपी सिंह ने उसका प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों का कहना है कि चाकू का वार घातक हो सकता था लेकिन गनीमत रही कि घाव अधिक गहरा नहीं हुआ जिससे समय रहते रक्तस्राव को नियंत्रित कर लिया गया। फिलहाल पीड़ित की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है और उसे सघन निगरानी में रखा गया है। घायल ने अस्पताल में दिए अपने बयान में अरमान नामक युवक को इस हमले का मुख्य जिम्मेदार ठहराया है।
जनता का आक्रोश और पुलिस कार्रवाई
वारदात के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए भाग रहे आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। उग्र भीड़ ने आरोपी को पकड़ने के बाद तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब इस मामले की सूक्ष्मता से जांच कर रही है कि आखिर एक छोटे से विवाद ने इतनी बड़ी हिंसक घटना का रूप कैसे ले लिया। शहर में बढ़ती इन वारदातों ने आम नागरिकों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है और लोग अब पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
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