रुद्रपुर में पार्षद सौरभ बेहड़ पर हुए जानलेवा हमले के मामले में उधम सिंह नगर पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगने की खबर सामने आ रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस की चार विशेष टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचनाओं के आधार पर घेराबंदी करते हुए तीन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि गुरुवार को पुलिस इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर सकती है। यह कार्रवाई उस समय हुई है जब शहर में भारी आक्रोश व्याप्त है और विपक्ष कड़े तेवर दिखा रहा है।
इस पूरी वारदात को जिस तरह अंजाम दिया गया, वह किसी गहरी साजिश की ओर इशारा करता है। रविवार शाम की शुरुआत एक फोन कॉल से हुई थी, जिसमें सौरभ बेहड़ को किसी पुराने विवाद के समझौते के लिए ट्रांजिट कैंप थाने बुलाया गया था। जैसे ही सौरभ अपनी स्कूटी से घर से बाहर निकले, अहिंसा द्वार के पास तीन नकाबपोश हमलावरों ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। अचानक हुए इस प्रहार से सौरभ सड़क पर गिर गए थे। अभी वह संभल भी नहीं पाए थे कि हमलावरों ने उन पर डंडों से ताबड़तोड़ प्रहार करना शुरू कर दिया था। सीसीटीवी कैमरों में कैद फुटेज के अनुसार, यह पूरी हिंसक वारदात महज छह सेकंड के भीतर अंजाम दी गई थी, जिसमें सौरभ बुरी तरह घायल हो गए थे।
घटना के बाद शहर में तनाव का माहौल बन गया था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने स्वयं देर रात अस्पताल पहुंचकर घायल पार्षद का हालचाल जाना था और मातहतों को सख्त निर्देश दिए थे। लेकिन घटना के 36 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस खाली हाथ थी। जिसके बाद किच्छा विधायक और पार्षद के पिता तिलकराज बेहड़ ने मंगलवार को अपने आवास पर महा बैठक बुलाकर पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिया था। उन्होंने महाबैठक में एसएसपी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दे डाली थी, जिसके बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। पुलिस की टीमों ने दिन-रात एक कर आरोपियों तक पहुंचने के लिए जाल बिछाया, जिसके परिणामस्वरूप अब संदिग्धों को हिरासत में लिया जा सका है।
वर्तमान में पार्षद सौरभ बेहड़ का उपचार अस्पताल में जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में आई गंभीर चोटों ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया था। अब सभी की नजरें पुलिस की आधिकारिक प्रेस वार्ता पर टिकी हैं, जहां यह स्पष्ट होगा कि इस नृशंस हमले के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है और हमले का वास्तविक कारण क्या था।
---समाप्त---