सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए गठित विशेष जांच टीम यानी एसआईटी ने अपनी तफ्तीश का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस महकमे के भीतर ही बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसआईटी ने तीन दरोगा और एक अपर सहायक दरोगा को औपचारिक नोटिस जारी किया है। इन पुलिस अधिकारियों को जल्द ही जांच टीम के समक्ष पेश होना होगा, जहां उनसे इस पूरे प्रकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर कड़ी पूछताछ की जाएगी। पुलिस विभाग के अधिकारियों को जांच के दायरे में लाए जाने से इस केस में नए मोड़ आने की संभावना बढ़ गई है।

​पुलिस प्रवक्ता और आईजी सुनील कुमार मीणा ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि एसआईटी बीते चार दिनों से दिन-रात साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। जांच की निष्पक्षता और स्थानीय प्रभाव से बचने के लिए आत्महत्या से संबंधित मूल मुकदमे को आईटीआई थाने से हटाकर काठगोदाम थाने में स्थानांतरित कर दिया गया है। टीम ने अब तक कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य अपने कब्जे में लिए हैं, जिनका फॉरेंसिक और कानूनी विशेषज्ञों के माध्यम से गहन परीक्षण कराया जा रहा है।

​इस मामले का एक सिरा वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी से भी जुड़ा हुआ है। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन के संकेत मिले हैं, जिसके बाद एसआईटी ने बैंकिंग सेक्टर की ओर रुख किया है। कई सार्वजनिक और निजी बैंकों को नोटिस भेजकर सुखवंत सिंह और दूसरे पक्ष के बैंक खातों का पूरा विवरण मांगा गया है। एसआईटी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस आत्महत्या के पीछे कोई बड़ा आर्थिक दबाव या ब्लैकमेलिंग का खेल तो नहीं था। पैसों के इस लेन-देन की सच्चाई सामने आने के बाद ही धोखाधड़ी के आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

​इसके समानांतर, सोशल मीडिया पर चल रही विभिन्न चर्चाओं और वायरल हो रहे तथ्यों की भी एक विशेष इकाई द्वारा निगरानी की जा रही है। विशेष रूप से एसआई कुंदन सिंह रौतेला की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट यानी एसीआर के सार्वजनिक होने के मामले को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। इस विशिष्ट मामले की जांच एसटीएफ कुमाऊं यूनिट को सौंपी गई है ताकि यह पता चल सके कि विभाग के गोपनीय दस्तावेज किस तरह बाहर आए। आईजी मीणा ने स्पष्ट किया है कि जांच के हर स्तर पर पारदर्शिता बरती जा रही है और पुलिस का लक्ष्य जल्द से जल्द दोषियों को कानून के कठघरे में खड़ा करना है। एसआईटी की बढ़ती सक्रियता से उम्मीद है कि आने वाले कुछ ही दिनों में इस पूरे रहस्य से पर्दा उठ जाएगा।


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