उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जनपद के रुद्रपुर शहर में कांग्रेस पार्षद और विधायक पुत्र सौरभ राज बेहड़ पर हुए जानलेवा हमले के बाद से ही पूरे प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। ताजा अपडेट के अनुसार, सौरभ बेहड़ की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और वह निजी अस्पताल के आईसीयू में विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में हैं। डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर पल-पल की नज़र रख रही है। बताया जा रहा है कि यदि आज रात तक उनकी स्थिति में थोड़ा भी सुधार होता है और वह यात्रा करने की स्थिति में आते हैं, तो उन्हें आज रात या कल सुबह किसी भी वक्त उन्हें दिल्ली के हायर सेंटर के लिए रेफर किया जा सकता है।
पुरानी सर्जरी और शारीरिक कमजोरी को बनाया निशाना
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला और व्यथित करने वाला पहलू यह सामने आया है कि हमलावरों ने सौरभ के शरीर के उसी हिस्से पर सबसे ज्यादा वार किए, जहां लगभग तीन साल पहले उन्होंने अपने पिता तिलकराज बेहड़ को किडनी दान करने के लिए मेजर सर्जरी करवाई थी। चिकित्सकों ने पुष्टि की है कि सौरभ के पेट और पीठ के उसी संवेदनशील हिस्से पर गहरे घाव और अंदरूनी चोटें आई हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि हमलावरों को सौरभ के मेडिकल इतिहास और उनकी इस शारीरिक कमजोरी की सटीक जानकारी पहले से थी। जानबूझकर उसी स्थान पर प्रहार करना यह दर्शाता है कि हमलावरों का मकसद केवल घायल करना नहीं, बल्कि उन्हें स्थाई रूप से शारीरिक क्षति पहुँचाना या जान से मारना था।
रेकी और समझौते के नाम पर रची गई खौफनाक साजिश
घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने पर पुलिस और परिजनों को यह स्पष्ट लग रहा है कि यह हमला किसी सोची-समझी बड़ी साजिश का हिस्सा है। आशंका यह भी है कि हमलावरों ने वारदात से पहले सौरभ की रेकी की थी। जिस तरह से उन्हें एक पुराने विवाद में समझौते के बहाने फोन करके घर से बाहर बुलाया गया और रास्ते में ही उन पर हमला हुआ, वह पुलिस की सूचना तंत्र और स्थानीय सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करता है। हमलावरों को पता था कि सौरभ किस रास्ते से आएंगे और उस समय वह अकेले होंगे। यह किसी पेशेवर अपराधी या बहुत गहरी रंजिश रखने वाले मास्टरमाइंड की चाल नजर आती है, जिसने न केवल स्थान और समय का चुनाव किया, बल्कि वार करने के लिए शरीर के सबसे कमजोर हिस्से को भी पहचाना।
मुख्यमंत्री की सक्रियता और प्रशासन को कड़े निर्देश
इस घटना की गूँज अब राजधानी देहरादून तक पहुँच चुकी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वयं विधायक तिलकराज बेहड़ से फोन पर लंबी बात की। मुख्यमंत्री ने विधायक को भरोसा दिलाया कि सरकार और प्रशासन इस दुखद घड़ी में उनके साथ हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस के आला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस साजिश के पीछे जो भी चेहरे हैं, चाहे वे कितने भी रसूखदार क्यों न हों, उन्हें जल्द से जल्द बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।
समर्थकों का आक्रोश और न्याय की मांग
अस्पताल के बाहर भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक जुटे हुए हैं। विधायक तिलकराज बेहड़ के समर्थकों में इस बात को लेकर भारी उबाल है कि एक व्यक्ति जिसने अपने पिता की जान बचाने के लिए अपना अंग दान किया, आज उसी अंग पर वार कर उसे मौत के मुहाने पर पहुँचा दिया गया। रुद्रपुर के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी इस कायराना हमले की निंदा की है और शहर की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जाहिर की है। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने अस्पताल पहुंचकर किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ से घटना की जानकारी ली। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया की सौरभ बेहड़ से मारपीट की घटना समाने आई थी। जिसके बाद सीसीटीवी की फुटेज मिली है। कुछ संदिग्धों को चिन्हित कर थाने बुलाया गया है। जिनसे पूछताछ जारी है।
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