हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के उपरांत कुछ लोगों द्वारा मैदान का शुद्धीकरण और हवन किए जाने की घटना ने तूल पकड़ लिया है। इस कृत्य को सामाजिक भेदभाव और दलित विरोधी मानसिकता का प्रतीक बताते हुए रुद्रपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा और महानगर अध्यक्ष ममता रानी के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने जिला मुख्यालय पर 'सामाजिक समरसता यात्रा' निकालकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

शहीदों और महापुरुषों को दी श्रद्धांजलि

यह सामाजिक समरसता यात्रा गल्ला मंडी स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर से आरंभ हुई। हाथों में तख्तियां लिए और संकीर्ण सोच के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता मुख्य मार्गों से होकर गुजरे। यात्रा सबसे पहले भगत सिंह चौक पहुंची, जहां कांग्रेस नेताओं ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके पश्चात यात्रा अंबेडकर चौक पहुंची, जहां संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित कर यात्रा का समापन किया गया।

संकीर्ण और जातिवादी सोच का लगाया आरोप


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यात्रा के दौरान जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा ने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश में किसी राष्ट्रीय स्तर के नेता की जनसभा के बाद स्थल को 'अशुद्ध' मानकर उसका शुद्धीकरण करना अत्यंत शर्मनाक और घोर निंदनीय है। उन्होंने इसे छुआछूत और सामंती सोच को बढ़ावा देने वाला कृत्य करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को बराबरी का हक देता है, और इस प्रकार की विघटनकारी सोच का विरोध करना हर जागरूक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।

समानता और सामाजिक न्याय का संकल्प

महानगर अध्यक्ष ममता रानी और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने भी अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के दिखाए समानता के मार्ग पर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता और आपसी भाईचारे में निहित है। राजनीतिक विरोध के नाम पर समाज में नफरत फैलाने वाली ताकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कांग्रेस अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के अधिकार और सम्मान के लिए निरंतर लड़ाई जारी रखेगी।

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