उत्तराखंड के रुद्रपुर कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित प्रशासनिक बैठक के दौरान सियासी पारा अचानक चढ़ गया। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की मौजूदगी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान राजनीतिक प्रतिनिधियों के बीच शुरू हुई सामान्य बातचीत देखते ही देखते तीखी बहस में बदल गई। कलेक्ट्रेट के भीतर हुई इस घटना के बाद परिसर में अफरातफरी और तनाव का माहौल बन गया।
आरोपों के बाद माहौल में घुली तल्खी
बैठक के दौरान पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने आरोप उठाया कि कुछ तत्व घर-घर जाकर लोगों को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कड़ा ऐतराज जताया और पलटवार किया। इसी मोड़ पर रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा और राजकुमार ठुकराल के आमने-सामने आ जाने से स्थिति काफी बिगड़ गई। दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई और परिसर में काफी देर तक गहमागहमी बनी रही।
भाजपाइयों ने लगाये गाली-गलौज के आरोप
घटनाक्रम के बाद राजकुमार ठुकराल की ओर से विधायक शिव अरोड़ा पर अभद्र भाषा और गाली-गलौज करने के गंभीर आरोप लगाए गए। दूसरी तरफ, घटना से नाराज भाजपा विधायक शिव अरोड़ा, जिला अध्यक्ष कमल जिंदल और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला सहित कई पार्टी पदाधिकारी कलेक्ट्रेट कक्ष के बाहर ही धरने पर बैठ गए। भाजपा नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत, राजनीतिक चर्चाएं तेज
विवाद की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में दोनों पक्षों के समर्थक कलेक्ट्रेट परिसर में जुटने लगे। माहौल को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस को तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा। परिसर में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। अधिकारियों के हस्तक्षेप और समझा-बुझाकर मामला शांत कराने के प्रयासों के बीच रुद्रपुर की यह प्रशासनिक बैठक अब क्षेत्र में तीखी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गई है।
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