रुद्रपुर में कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में आयोजित SIR प्रक्रिया से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बैठक अचानक हंगामे की भेंट चढ़ गई। कलेक्ट्रेट सभागार में जारी कार्यवाही के दौरान भाजपा विधायक शिव अरोरा, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के बीच तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि इस दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया तथा प्रशासनिक कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। घटना के बाद प्रशासन के निर्देश पर पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए राजकुमार ठुकराल के खिलाफ सिडकुल चौकी में मुकदमा दर्ज कर लिया।

सड़कों पर उतरी कांग्रेस

​ठुकराल के खिलाफ मामला दर्ज होने व देर रात उनके आवास पर पुलिस की दबिश की खबरों के बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई। इसके विरोध में मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय पर भाजपा सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए ठुकराल पर दर्ज मुकदमा निरस्त करने की मांग की। साथ ही, विधायक शिव अरोरा व पूर्व विधायक राजेश शुक्ला पर भी केस दर्ज करने की मांग रखी।

विवाद के पीछे की वजह


Advertisement

​प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बैठक में राजनीतिक दुर्भावना के चलते विवाद खड़ा किया गया। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि ठुकराल ने किसी प्रशासनिक अधिकारी से अभद्रता नहीं की थी, बल्कि विवाद की शुरुआत भाजपा नेताओं की टिप्पणियों से हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आगामी चुनावों से घबराकर प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बना रही है तथा विपक्षी मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटवाने की साजिश रच रही है।

पुलिस प्रशासन का स्पष्टीकरण

​मामले को बढ़ता देख एसएसपी अजय गणपति ने किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ व जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा समेत प्रमुख कांग्रेसी प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया। कांग्रेसियों ने देर रात ठुकराल के घर पुलिस भेजने पर कड़ी आपत्ति जताई। इस पर एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस टीम केवल नोटिस तामील कराने के लिए पूर्व विधायक के आवास पर गई थी। फिलहाल, दोनों पक्षों के आरोपों व पुलिस जांच के बीच रुद्रपुर का सियासी पारा चढ़ा हुआ है।

---समाप्त---