देवभूमि की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग आज बुधवार को एक बार फिर जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है। रुद्रपुर में आज सुबह से ही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच इंसाफ की गूँज सुनाई दी, जहाँ व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय जुनेजा और सामाजिक कार्यकर्ता अभिमन्यु साना ने अपना सिर मुंडवाकर शासन-प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान 'अंकिता हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं' के नारों के साथ माहौल बेहद तनावपूर्ण बना रहा। इसी आक्रोश को स्वर देते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी आज सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला दहन कर अपना विरोध जताया।

वनंत्रा रिसॉर्ट का वो खौफनाक सच और अंकिता का बलिदान
​अंकिता हत्याकांड की कहानी 18 सितंबर 2022 की उस काली रात से जुड़ी है, जिसने उत्तराखंड के गौरव को गहरी चोट पहुंचाई थी। ऋषिकेश के करीब गंगा भोगपुर स्थित 'वनंत्रा रिसॉर्ट' में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता पर रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके साथियों ने अनैतिक कार्यों के लिए दबाव बनाया था। आरोप है कि जब अंकिता ने एक रसूखदार मेहमान को 'स्पेशल सर्विस' देने से मना कर दिया और रिसॉर्ट के काले कारनामों को उजागर करने की हिम्मत दिखाई, तो उसे मौत के घाट उतार दिया गया। आरोपियों ने अंकिता को चीला नहर में धक्का देकर उसकी हत्या कर दी थी, जिसका शव कई दिनों के सर्च ऑपरेशन के बाद 24 सितंबर को बरामद हुआ था।

जेल में बंद आरोपी और अधूरी जांच पर उठते सवाल
​इस जघन्य अपराध के आरोप में पुलिस ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, जो पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा है, सहित रिसॉर्ट प्रबंधक सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। ये तीनों आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं और इनके विरुद्ध हत्या व साक्ष्य मिटाने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा चल रहा है। हालांकि, स्थानीय जनता और अंकिता के परिजनों में इस बात को लेकर गहरा असंतोष है कि घटना के इतने समय बाद भी आरोपियों को उनके अंजाम तक नहीं पहुंचाया जा सका है। लोगों का मानना है कि रिसॉर्ट के महत्वपूर्ण हिस्सों को बुलडोजर से ढहाकर साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिससे यह मामला कानूनी पेचीदगियों में उलझता जा रहा है।

वीआईपी के खुलासे की जिद और आज कांग्रेसियों का हल्लाबोल
​आज बुधवार को हुए इस प्रदर्शन में विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों का सबसे बड़ा सवाल उस रहस्यमयी 'वीआईपी' को लेकर रहा, जिसका नाम अंकिता के व्हाट्सएप चैट में सामने आया था। आरोप है कि वह वीआईपी सत्ता के बेहद करीब है, जिसे बचाने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी जोर लगा रही है। आज के प्रदर्शन में पवन वर्मा, दिनेश पंत, सौरभ शर्मा, सौरभ बेहड़ और सुनील जडवानी, मोहन खेड़ा, मोहन कुमार, प्रांजल गाबा, आशीत बाला, विक्रमजीत सिंह, राम कृष्ण कनौजिया, विकास मल्लिक, रंजीत तिवारी, तपन विश्वास, देवानंद स्वर्णकार, रमेंन विश्वास, महबूब अंसारी, नदीम खान, इंद्रजीत सिंह और प्रशांत शाही समेत अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।


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