उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में हुए सनसनीखेज जमीन विवाद और गोलीकांड में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने इस पूरी वारदात के मुख्य आरोपी जशनदीप सिंह और उसके सहयोगी शमशेर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस ने शमशेर सिंह को दिल्ली एयरपोर्ट से उस समय हिरासत में लिया, जब वह गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश भागने की फिराक में था। पुलिस की मुस्तैदी और समय पर जारी किए गए लुकआउट नोटिस के कारण आरोपी की देश छोड़ने की योजना पूरी तरह नाकाम हो गई। इस वारदात में बिहार के रहने वाले कार्तिक की जान चली गई थी, जो महज दो दिन पहले ही क्षेत्र में घूमने आया था।
हथियार बरामद और लुकआउट नोटिस का असर
पुलिस ने इस मामले में न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया है, बल्कि वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियारों को भी बरामद कर लिया है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए एसएसपी मणिकांत मिश्रा के निर्देश पर गठित टीमों ने तकनीकी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाया था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शमशेर सिंह ने अपनी पहचान छुपाकर विदेश भागने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने पहले ही उसका लुकआउट नोटिस जारी कर हवाई अड्डों को सूचित कर दिया था। जैसे ही वह दिल्ली एयरपोर्ट पहुँचा, सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उसे दबोच लिया गया। वहीं, वारदात के मुख्य सूत्रधार जशनदीप सिंह को भी पुलिस ने कड़ी घेराबंदी के बाद अपनी गिरफ्त में ले लिया है।
मृतक के दोस्त की तहरीर पर दर्ज हुई एफआईआर
इस मामले में कानूनी कार्यवाही तेज करते हुए पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मृतक कार्तिक के दोस्त और घटना के मुख्य चश्मदीद सूरज की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या और जानलेवा हमले की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इससे पहले पुलिस इस मामले में सिमरनदीप सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब मुख्य आरोपी जशनदीप और शमशेर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस घटना के सभी पहलुओं की कड़ियां जोड़ रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ में कई अन्य चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। पुलिस प्रशासन जल्द ही आधिकारिक रूप से इस पूरे घटनाक्रम का विवरण साझा कर सकता है।
विवाद की जड़ और वह खूनी सुबह
रविवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे प्रीत विहार की ग्रेटर कैलाश कॉलोनी से सटे खेत में खूनी संघर्ष शुरू हुआ था। चश्मदीद सूरज के मुताबिक, विवाद तब शुरू हुआ जब खेत की जुताई के दौरान एक युवक वहां पहुँचा और काम रोकने के लिए दबाव बनाने लगा। विवाद इतना बढ़ा कि वह युवक अपनी बाइक उठाकर पास ही स्थित अपने घर गया और वहां पहुँचते ही अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में बेगुनाह कार्तिक, जो कि पैसे कम होने की वजह से मजदूरी करने गया था, की पीठ में गोली लग गई जो शरीर के आर-पार हो गई। लहूलुहान कार्तिक जान बचाने के लिए भागा और कॉलोनी के गेट पर गिर पड़ा, जहाँ उसकी मौत हो गई। इस दौरान ट्रैक्टर छोड़कर भाग रहे चालक को भी गोली लगी, जिसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
एसएसपी और सीओ ने घटनास्थल पर संभाला मोर्चा
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मणिकांत मिश्रा और सीओ प्रशांत कुमार ने खुद मोर्चा संभाला। अधिकारियों ने घटनास्थल और ग्रेटर कैलाश कॉलोनी के गेट का बारीकी से निरीक्षण किया था। एसएसपी ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि कानून को चुनौती देने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से नमूने एकत्र किए थे और सड़क पर बिखरे खाली खोखों को जांच का आधार बनाया गया था। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी से मामले में न्याय की प्रक्रिया अब और तेज होगी। फिलहाल, पुलिस पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि घटना की पूरी साजिश का पता लगाया जा सके।
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