महीने की शुरुआत के साथ ही आम लोगों को महंगाई का एक बड़ा झटका लगा है। रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली जरूरी चीजों से लेकर वाहनों तक की कीमतों में भारी बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। इस बदलाव का सीधा असर आम नागरिक के मासिक बजट पर पड़ने वाला है।

सिलेंडर के दामों में उछाल

​तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में करीब 11.50 रुपये का इजाफा कर दिया है। कीमतों में हुए इस बदलाव के बाद अब होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में मिलने वाले खाने-पीने के सामान भी महंगे होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू उपयोग वाले एलपीजी सिलेंडर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

ईंधन और दूध की नई दरें


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​गैस कंपनियों ने इनपुट लागत में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए सीएनजी के दामों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी है। ईंधन की दरें बढ़ने से आने वाले दिनों में स्थानीय ऑटो और टैक्सी का किराया भी बढ़ सकता है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में दूध उत्पादक ब्रांड्स ने अपनी दरों में प्रति लीटर 9 रुपये तक का संशोधन किया है, जिससे परिवारों का दैनिक किचन बजट प्रभावित होगा।

कार खरीदना हुआ महंगा

​ऑटोमोबाइल सेक्टर की दिग्गज कंपनियों टाटा मोटर्स और हुंडई ने भी अपने वाहनों की नई दरें जारी कर दी हैं। कच्चे माल और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत के चलते टाटा मोटर्स की कारें मॉडल के आधार पर 25 हजार रुपये तक महंगी हो गई हैं। वहीं हुंडई ने भी अपने चुनिंदा वाहनों की दरों में वृद्धि की है, जिससे नया वाहन खरीदने का विचार कर रहे ग्राहकों को अब ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी।

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