कौशाम्बी में हुए दर्दनाक पटाखा विस्फोट हादसे के बाद से ही पुलिस प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। 11 मासूमों और ग्रामीणों की जान लेने वाले इस हादसे के मुख्य आरोपी नौशाद अली की तलाश में पुलिस की कई टीमें दिन-रात लगी हुई थीं। आखिरकार चरवा थाना क्षेत्र के तेरामील भट्टे के पास पुलिस को सफलता हाथ लगी। सूचना मिलने पर जब पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की, तो आरोपी ने खुद को घिरा देख पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी नौशाद के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस प्रशासन की चार टीमें सक्रिय
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष रूप से 4 अलग-अलग टीमों का गठन किया था। ये टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं और सर्विलांस के जरिए आरोपी की लोकेशन पर नजर बनाए हुए थीं। 11 लोगों की मौत के बाद से ही स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश था, जिसे देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है ताकि पटाखा फैक्ट्री या गोदाम के संचालन से जुड़े अन्य अवैध पहलुओं का पर्दाफाश किया जा सके।
अवैध पटाखा कारोबार पर शिकंजा
इस हादसे ने एक बार फिर से रिहायशी इलाकों में चल रहे अवैध पटाखा कारोबार की पोल खोलकर रख दी है। विस्फोट इतना भीषण था कि कई घर इसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही चीख-पुकार मच गई थी। घटना के बाद से ही जिला प्रशासन पूरी तरह से हरकत में है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे ऐसे अवैध अड्डों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस मामले में लापरवाही बरतने वालों और आरोपी की मदद करने वाले अन्य लोगों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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