अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले में स्थित सीमावर्ती टाक्सिंग क्षेत्र को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। क्षेत्रीय दल पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (PPA) ने एक कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करते हुए आरोप लगाया है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास स्थित कुछ गश्ती बिंदुओं पर चीनी सेना की गतिविधियां दर्ज की गई हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि स्थानीय सीमावर्ती इलाकों में गश्त के दौरान भारतीय सैनिकों को कुछ तय पेट्रोलिंग पॉइंट्स तक जाने में बाधाओं का सामना करना पड़ा है।
रिपोर्ट में शिकार और पशु चराने से रोकने का आरोप
पूर्व मंत्री काहफा बेंगिया के नेतृत्व में बनी इस चार सदस्यीय टीम ने टाक्सिंग, माजा और गैलेमो का दौरा कर स्थानीय लोगों से बातचीत की थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि शेरा-5 नामक गश्ती बिंदु पर पिछले समय में हुए आमने-सामने के बाद से आवाजाही प्रभावित रही है। इसके साथ ही, स्थानीय नाह और मारा समुदायों को नांगा पहाड़ जैसे पारंपरिक इलाकों में शिकार और पशु चराने से रोकने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। समिति ने सर्दियों के मौसम में दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण नियमित गश्त के चक्र में आने वाले अंतर का भी जिक्र किया है।
भारत की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित-सेना
दूसरी ओर, भारतीय सेना और राज्य सरकार ने सीमाओं में किसी भी तरह के उल्लंघन या अतिक्रमण के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और सेना के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भारत की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और जवान एलएसी पर मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। सैन्य सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा तंत्र लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अनर्गल या असत्यापित जानकारियों के आधार पर दावे करना सही नहीं है।
रिपोर्ट में बुनियादी सुविधाओं को जल्द पूरा करने की मांग
रिपोर्ट के कुछ हिस्सों में सीमावर्ती ढांचागत विकास को गति देने पर भी जोर दिया गया है। इसमें नाचो से टाक्सिंग के बीच जारी सड़क निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने और सिपी जैसे इलाकों में बुनियादी ढांचा मजबूत करने की बात कही गई है। इसके अलावा, अग्रिम चौकियों पर मोबाइल कनेक्टिविटी और निर्बाध बिजली आपूर्ति की आवश्यकता रेखांकित की गई है ताकि वहां तैनात कर्मियों और स्थानीय आबादी को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
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