स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से दिए गए अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'दिमागी नक्सल' शब्द का प्रयोग किया, जिसके बाद देश की राजनीति में एक नया विवाद छिड़ गया। अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों ने जंगलों से तो हथियारबंद नक्सलवाद का सफाया कर दिया है, लेकिन देश के भीतर अब 'दिमागी नक्सल' सक्रिय हो चुके हैं जो युवाओं को भ्रमित कर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे ऐसे तत्वों की पहचान करें और उन्हें समाज से अलग-थलग करें। इस बयान के सामने आते ही सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। पार्टी ने सोशल मीडिया पर अपना एक आधिकारिक घोषणा पत्र जारी किया है।

विपक्ष का करारा हमला

​प्रधानमंत्री के इस बयान पर विपक्षी नेताओं और सामाजिक विचारकों ने कड़ा विरोध जताया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस तरह के नए लेबलों और शब्दों का इस्तेमाल करके अपनी नीतियों पर सवाल उठाने वाले शिक्षित युवाओं, बुद्धिजीवियों और निष्पक्ष पत्रकारों को निशाना बना रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया पर व्यंग्य करते हुए लिखा कि उन्हें 'दिमागी नक्सल' होने पर गर्व है, जबकि आरजेडी सांसद मनोज झा ने तंज कसा कि प्रधानमंत्री ने इंटरनेट को मीम्स और रील्स बनाने के लिए एक नया टॉपिक दे दिया है। दूसरी तरफ, बीजेपी नेताओं, देवेंद्र फडणवीस, रविशंकर प्रसाद और चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए देशविरोधी सोच को बेनकाब करना जरूरी है।

​'कॉकरोच जनता पार्टी' के बाद अब 'DNJP' का ट्रेंड


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​नेताओं के बयानों और विवादित शब्दों पर सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक राजनीतिक ट्रेंड बनने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले मुख्य न्यायाधीश (CJI) द्वारा युवाओं को लेकर की गई एक टिप्पणी के जवाब में इंटरनेट पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का गठन हुआ था। सीजेपी ने नीट परीक्षा धांधली और युवाओं के मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन भी खड़ा किया था। अब ठीक उसी तर्ज पर प्रधानमंत्री के भाषण के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर 'दिमागी नक्सल जनता पार्टी' (@DNJP_India) नाम का पैरोडी अकाउंट सामने आया है। यह कोई पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि नेताओं की बयानबाजी पर कटाक्ष करने का एक डिजिटल जरिया है।

विपक्षी हस्तियों के फॉलो करने से गरमाया माहौल

​सोशल मीडिया पर बना यह नया पैरोडी अकाउंट तेजी से वायरल हो रहा है और इसकी फॉलोइंग लिस्ट चर्चा का केंद्र बन गई है। यह आभासी अकाउंट खुद देश के प्रमुख विपक्षी नेताओं जैसे राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव को फॉलो कर रहा है। इसके साथ ही यह हैंडल सोशल मीडिया पर सक्रिय प्रमुख चेहरों जैसे यूट्यूबर ध्रुव राठी, अभिनेता प्रकाश राज, कॉमेडियन कुणाल कामरा और फैक्ट-चेकर मोहम्मद जुबैर को भी फॉलो कर रहा है। सोशल मीडिया यूज़र्स इसे विरोध दर्ज कराने का एक नया और रचनात्मक तरीका मान रहे हैं, जिससे यह मुद्दा जमीनी राजनीति से लेकर इंटरनेट तक छाया हुआ है।

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