जम्मू,(उत्तराखण्ड तहलका): जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा 'Operation Sindoor' के तहत की गई जबरदस्त जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान में खलबली मची हुई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) के वरिष्ठ अधिकारियों ने खुलासा किया है कि भारतीय सेना के इस कड़े प्रहार के बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों और आतंकवादी समूहों ने अपनी रणनीति बदल दी है।

​बीएसएफ अधिकारियों के अनुसार, 'Operation Sindoor' के डर से पाकिस्तान ने सीमावर्ती इलाकों से अपने 72 आतंकवादी लॉन्चपैड्स को रातों-रात हटाकर 'डैप्थ एरिया' (अंदरूनी क्षेत्रों) में स्थानांतरित कर दिया है। यह कदम साफ दर्शाता है कि भारतीय सेना के आक्रामक रुख ने पाकिस्तान को अपनी आतंकी गतिविधियों के ढांचे में बदलाव करने के लिए मजबूर कर दिया है।

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आतंकवादियों की नई चाल बेनकाब

​शनिवार (29 नवंबर 2025) को बीएसएफ के अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस नई जानकारी का खुलासा किया:


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  • लॉन्चपैड्स का स्थानांतरण: बीएसएफ के डीआईजी विक्रम कुंवर ने बताया कि 'Operation Sindoor' के दौरान कई आतंकी लॉन्चपैड्स को नष्ट कर दिया गया था। इसके बाद, पाकिस्तानी सरकार ने इन सभी ठिकानों को सीमा से दूर अंदरूनी क्षेत्रों में स्थानांतरित कर दिया है।
  • सक्रिय लॉन्चपैड्स: वर्तमान में, लगभग 12 लॉन्चपैड्स सियालकोट और जफरवाल के अंदरूनी क्षेत्रों में सक्रिय हैं, जो सीधे सीमा पर नहीं हैं। वहीं, करीब 60 लॉन्चपैड्स नियंत्रण रेखा (LoC) के पास अन्य अंदरूनी क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
  • मिश्रित प्रशिक्षण: डीआईजी कुंवर ने यह भी बताया कि 'Operation Sindoor' से पहले, जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकी अलग-अलग क्षेत्रों में प्रशिक्षण लेते थे। लेकिन अब उन्होंने एक 'मिश्रित समूह' (Mixed Group) बना लिया है, जिसमें विभिन्न आतंकवादी संगठनों के लोग एक साथ प्रशिक्षण ले रहे हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाए।
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​भारत की तैयारी: 'Operation Sindoor 2.0' के लिए तैयार

​बीएसएफ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 'Operation Sindoor' ने पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाया है और वह अब तक उस नुकसान से उबर नहीं पाया है।

​बीएसएफ, जम्मू फ्रंटियर के आईजी शशांक आनंद ने कहा कि हालांकि, मई में चार दिन के संघर्ष के बाद सेना ने अभी कार्रवाई रोक रखी है, लेकिन अगर सरकार 'Operation Sindoor' को फिर से शुरू करने का आदेश देती है, तो बल दुश्मन को और भी भारी नुकसान पहुंचाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

​बीएसएफ की यह जानकारी दिखाती है कि सीमा पार आतंकवाद से निपटने की भारत की रणनीति अब केवल रक्षात्मक नहीं रही है, बल्कि अब आक्रामक होकर आतंक के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे पाकिस्तान खौफ में जी रहा है।

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