जिले के हल्द्वानी के मुखानी स्थित राधिका ज्वेलर्स में चोरी की यह वारदात किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं थी। 19 और 20 दिसंबर 2025 की मध्य रात्रि को जब पूरा शहर गहरी नींद में था तब शातिरों ने इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया। शोरूम के मालिक नवनीत शर्मा ने जब 21 दिसंबर को पुलिस में तहरीर दी तो पूरे महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तत्काल एसआईटी का गठन किया जिसका नेतृत्व एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल को सौंपा गया। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि इस पूरी वारदात में कुल आठ लोग शामिल थे जिन्होंने महीनों पहले से इस शोरूम को लूटने की योजना तैयार की थी।
पड़ोसी बनकर आए और लूट ले गए अरमान
इस चोरी का सबसे चौंकाने वाला पहलू जनक जोशी नाम का आरोपी है जो मूल रूप से नेपाल का निवासी है लेकिन खुद को पिथौरागढ़ का बताकर लोगों को गुमराह करता था। साजिश के तहत पड़ोस की दुकान को किराए पर लिया गया ताकि शोरूम की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सके। गिरोह का सरगना मकसूद एक आदतन अपराधी है जिसके खिलाफ गुजरात के सूरत और झारखंड जैसे राज्यों में कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। वहीं इस गिरोह में महाराष्ट्र का रहने वाला तनवीर भी शामिल था जो एक होटल में लॉन्ड्री का काम करता था। तनवीर ने पुलिस को बताया कि उस पर 15 लाख रुपये का भारी भरकम कर्ज था जिसे चुकाने के लालच में वह इस जघन्य अपराध का हिस्सा बन गया।
हाईटेक जांच से सलाखों के पीछे पहुँचा गिरोह
राधिका ज्वेलर्स में हुई 22 लाख की चोरी की गुत्थी सुलझाने में सीसीटीवी कैमरे 'तुरुप का इक्का' साबित हुए। पुलिस ने सैकड़ों फुटेज और संदिग्धों के चलने के अंदाज का डेटाबेस से मिलान कर सरगना मकसूद को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। डिजिटल साक्ष्यों का पीछा करते हुए नैनीताल पुलिस ने इस अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के शातिर अपराधी को हजारों मील दूर जाकर दबोचने में सफलता पाई।
पुलिस की घेराबंदी और बरामदगी का हिसाब
एसआईटी ने अपनी पेशेवर कार्यकुशलता दिखाते हुए जब घेराबंदी की तो अपराधियों का यह नेटवर्क ताश के पत्तों की तरह ढह गया। पुलिस ने अब तक आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में कीमती धातु बरामद की है। बरामद माल में 7.25 किलोग्राम चांदी और 54 ग्राम पीली धातु शामिल है जिसकी कुल अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत लगभग 22 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने न केवल माल बरामद किया बल्कि उन वाहनों को भी सीज कर दिया है जिनका उपयोग चोरी के सामान को ठिकाने लगाने और भागने के लिए किया गया था। इस सफलता के बाद एसएसपी ने पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए 25,000 रुपये के नगद इनाम की घोषणा भी की है।
फरार आरोपियों की तलाश में जुटी टीमें
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि इस घटना में शामिल अन्य लोगों की शिनाख्त भी कर ली गई है। पुलिस उन मददगारों तक भी पहुंच रही है जिन्होंने इन अपराधियों को शरण दी या रेकी करने में उनकी सहायता की। यह गिरोह देश के अलग-अलग कोनों से आकर उत्तराखंड में वारदातों को अंजाम दे रहा था जिससे यह साफ होता है कि यह एक बड़ा सिंडिकेट है। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले के व्यापारियों में विश्वास जगा है और अपराधियों को कड़ा संदेश गया है कि देवभूमि की सीमाओं के भीतर अपराध करने वालों का हश्र सलाखों के पीछे ही होगा। फिलहाल पुलिस अन्य फरार अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए पड़ोसी राज्यों और नेपाल सीमा पर लगातार दबिश दे रही है।
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