वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर मणिकांत मिश्रा के निर्देशन में नशा तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत किच्छा पुलिस और एसटीएफ को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी की नशा मुक्त देवभूमि मुहिम को सफल बनाने के संकल्प के साथ पुलिस टीम ने कुमाऊं क्षेत्र में करोड़ों रुपये की स्मैक खपाने की एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम क्षेत्र में मुस्तैदी के साथ चेकिंग अभियान चला रही थी। पुलिस की इस सक्रियता ने नशीले पदार्थों के काले कारोबार में लिप्त अपराधियों के बीच हड़कंप मचा दिया है और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा घेरे को और अधिक मजबूत कर दिया है।

चेकिंग के दौरान रंगे हाथ पकड़ा गया शातिर तस्कर

​30 जनवरी 2026 को कोतवाली किच्छा क्षेत्र के अंतर्गत बीरूनगला रोड दरऊ के पास चलाए गए संयुक्त चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। टीम ने घेराबंदी करते हुए मोटरसाइकिल सवार एक संदिग्ध को रोका, जिसकी पहचान सहनवाज पुत्र इस्तेखार, निवासी बहेड़ी, बरेली के रूप में हुई। तलाशी लेने पर अभियुक्त के पास से 1 किलो 33 ग्राम स्मैक बरामद की गई। बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब तीन करोड़ दस लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया और तस्करी में प्रयुक्त वाहन को भी अपने कब्जे में ले लिया। यह गिरफ्तारी कुमाऊं मंडल में नशे के नेटवर्क पर एक कड़ा प्रहार मानी जा रही है।

बरेली से कुमाऊं तक फैला तस्करी का नेटवर्क नाकाम

​पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्त ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी ने स्वीकार किया कि बरामद स्मैक उसे बरेली के बहेड़ी क्षेत्र के एक व्यक्ति द्वारा उपलब्ध कराई गई थी, जिसे वह सितारगंज निवासी हरजिंदर नामक व्यक्ति को सप्लाई करने के लिए ले जा रहा था। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि नशे की यह बड़ी खेप कुमाऊं के युवाओं को बर्बाद करने के लिए लाई जा रही थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुट गई है ताकि सप्लाई चेन के मुख्य सरगनाओं तक पहुँचा जा सके। तस्करी के इस अंतरराज्यीय लिंक का पर्दाफाश होने से पुलिस को आने वाले समय में अन्य बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज और गहन जांच शुरू

​इस गंभीर मामले में थाना किच्छा में एफआईआर संख्या 30/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियुक्त को विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए न्यायालय में पेश किया जाएगा। साथ ही आरोपी के पुराने आपराधिक इतिहास की भी विस्तृत जांच की जा रही है ताकि उसके पुराने संपर्कों और गतिविधियों का पता लगाया जा सके। इस पूरी कार्रवाई में किच्छा पुलिस, एसटीएफ और एएनटीएफ कुमाऊं यूनिट के अधिकारियों की सराहनीय भूमिका रही। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी नशा तस्करों के खिलाफ इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी ताकि जनपद को पूरी तरह नशामुक्त बनाया जा सके।


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